
रानीगंज के कांकरडांगा में सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के उद्घाटन पर अनूठी पहल, महिलाओं ने अपनी मासिक सहायता राशि से मंदिर निर्माण के लिए दिया सहयोग

रानीगंज। आस्था, सामूहिक सहयोग और महिला शक्ति की मिसाल पेश करते हुए आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रानीगंज के कांकरडांगा की महिलाओं ने सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के निर्माण के लिए एक लाख रुपये का योगदान दिया। खास बात यह रही कि महिलाओं ने पश्चिम बंगाल सरकार की अन्नपूर्णा योजना के तहत मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि में से मंदिर निर्माण के लिए धन जुटाया। इस सामूहिक पहल की राज्य की शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सराहना की। कांकरडांगा स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के उद्घाटन और प्रसाद वितरण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एकत्र की गई राशि मंदिर समिति को सौंपी। आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं ने अपनी मासिक सहायता राशि में से तीन-तीन हजार रुपये मंदिर निर्माण के लिए देने का निर्णय लिया। उनके इस सामूहिक प्रयास से कुल एक लाख रुपये की राशि एकत्र की गई, जिसे मंत्री अग्निमित्रा पाल के हाथों मंदिर समिति को सौंपा गया।

इस पहल को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह देखा गया। महिलाओं ने धार्मिक आस्था के साथ सार्वजनिक कार्य में सहयोग की भावना प्रदर्शित करते हुए मंदिर निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। उनका कहना था कि अन्नपूर्णा योजना के तहत राज्य सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता का एक हिस्सा मां दुर्गा के मंदिर के निर्माण में लगाने का निर्णय उन्होंने स्वेच्छा से लिया है। उनके अनुसार, मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की आस्था और सामूहिक एकजुटता का भी प्रतीक है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंत्री अग्निमित्रा पाल ने महिलाओं के इस योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा योजना के तहत मिलने वाली राशि में से महिलाएं मां दुर्गा के मंदिर के निर्माण के लिए सहयोग कर रही हैं। यह उनकी आस्था, समर्पण और सामूहिक भावना को दर्शाता है।

मंत्री ने कहा, “हमारी माताएं-बहनें अन्नपूर्णा योजना का पैसा अपने परिवार के लिए नहीं, बल्कि मां दुर्गा के मंदिर के लिए दे रही हैं। यह उनकी आस्था और त्याग का प्रतीक है। मैं उनके इस प्रयास को सलाम करती हूं। यह नारी शक्ति का सबसे बड़ा उदाहरण है।” उन्होंने महिलाओं की इस पहल को सराहनीय बताते हुए उनके सामूहिक प्रयास की प्रशंसा की।

कार्यक्रम के दौरान मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाली महिलाओं के योगदान को विशेष महत्व दिया गया। कांकरडांगा की महिलाओं का यह योगदान स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अपनी आर्थिक सहायता राशि में से धन एकत्र कर सार्वजनिक मंदिर के निर्माण में सहयोग देने के उनके निर्णय ने धार्मिक आस्था के साथ सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया है। मंदिर के उद्घाटन और प्रसाद वितरण कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की उपस्थिति के बीच महिलाओं ने अपनी ओर से जुटाई गई राशि मंदिर समिति को सौंपी। इस योगदान से मंदिर निर्माण कार्य में आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। स्थानीय महिलाओं की इस पहल ने यह भी रेखांकित किया कि सामूहिक प्रयास से धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सहयोग की नई मिसाल कायम की जा सकती है। कांकरडांगा में आयोजित यह कार्यक्रम मंदिर के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं की भागीदारी और उनके सामूहिक योगदान के कारण भी विशेष चर्चा में रहा।
