
जामुड़िया में नॉर्थ पॉइंट विद्यालय की अनूठी पहल, 100 से अधिक बच्चों को मिली शैक्षणिक सामग्री, 150 माताओं और दादियों को भेंट की गई नई साड़ियां
जामुड़िया। दुर्गापूजा की खुशियां बांटने के लिए जरूरी नहीं कि कोई बड़ा आयोजन या बड़ी आर्थिक सहायता ही की जाए। बच्चों की छोटी-छोटी बचत भी किसी के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला सकती है। इसी भावना को साकार करते हुए आसनसोल के नॉर्थ पॉइंट विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी गुल्लक में सालभर से जमा की गई राशि के माध्यम से जामुड़िया के नामोपाड़ा प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों और उनके परिवारों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। विद्यार्थियों की इस पहल के तहत 100 से अधिक बच्चों को कॉपी-किताब, कलम और मिठाइयां बांटी गईं, जबकि क्षेत्र की 150 माताओं और दादियों को दुर्गापूजा के उपहार के रूप में नई साड़ियां भेंट की गईं।
शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को जोड़ने वाली इस पहल ने निजी और सरकारी विद्यालयों के बीच सहयोग की एक सुंदर मिसाल पेश की। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षाविद शचीन्द्रनाथ राय और प्रधानाचार्या मिता राय के नेतृत्व में नामोपाड़ा प्राथमिक विद्यालय परिसर में किया गया। इसमें नॉर्थ पॉइंट विद्यालय के प्राचार्य, उपप्राचार्य, राजीव सर सहित कई शिक्षक और 29 विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों ने स्वयं इस कार्यक्रम में भाग लेकर जरूरतमंद बच्चों और उनके परिवारों के साथ त्योहार की खुशियां बांटीं। इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि सहायता के लिए जुटाई गई राशि विद्यार्थियों की सालभर की बचत से आई थी। बच्चों ने अपनी गुल्लक में जमा पैसों का उपयोग दूसरों की जरूरतों को पूरा करने और दुर्गापूजा के अवसर पर उनके चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए किया। इस पहल ने बच्चों के बीच बचत की आदत के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी, सहयोग और संवेदनशीलता जैसे मूल्यों को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान नामोपाड़ा प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को पढ़ाई में उपयोगी सामग्री दी गई। कॉपी-किताब और कलम मिलने से बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध हुआ, वहीं मिठाइयों ने त्योहार के उत्साह को और बढ़ाया। दूसरी ओर, गांव की 150 माताओं और दादियों को नई साड़ियां भेंट कर दुर्गापूजा की खुशियों में उन्हें भी सहभागी बनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रवीन्द्रनाथ ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री और महिलाओं को साड़ियां वितरित की गईं। आयोजन में नामोपाड़ा प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक दीप नारायण नायक, शिक्षक शुभदीप सरकार और बलराम दे तथा शिक्षिका माधवी मिस्त्री सहित 200 से अधिक अभिभावक उपस्थित रहे। दोनों विद्यालयों के शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को सामुदायिक सहयोग का रूप दिया। इस दौरान शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर बच्चों में मानवीय संवेदनाएं विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। नामोपाड़ा प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक दीप नारायण नायक ने नॉर्थ पॉइंट विद्यालय के विद्यार्थियों की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय के बच्चों ने अपनी बचत से जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता कर मानवता की मिसाल पेश की है। इस तरह के प्रयासों से सरकारी विद्यालय के बच्चों में भी दूसरों की मदद करने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की भावना विकसित होगी। वहीं, शिक्षाविद शचीन्द्रनाथ राय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाई में बेहतर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें एक संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनाना भी है। उन्होंने कहा, “हमारा मकसद है कि बच्चे सिर्फ पढ़ाई में अव्वल न हों, बल्कि अच्छे इंसान भी बनें। सरकारी और निजी स्कूल जब मिलकर काम करते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।”नॉर्थ पॉइंट विद्यालय के विद्यार्थियों की यह पहल दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल में सामाजिक सहभागिता का संदेश लेकर आई। बच्चों ने अपनी बचत का उपयोग दूसरों की सहायता के लिए कर यह दिखाया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सीख बचपन से ही दी जा सकती है। नामोपाड़ा प्राथमिक विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने निजी और सरकारी विद्यालयों के बीच सहयोग की संभावनाओं को भी सामने रखा। विद्यार्थियों की भागीदारी, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष बनाया। दुर्गापूजा से पहले आयोजित इस पहल के माध्यम से शिक्षा, संस्कार और मानवीय संवेदना का ऐसा संदेश दिया गया, जो त्योहार की खुशियों को आपस में बांटने की भावना को मजबूत करता है।
