
विधायक पार्थो घोष बोले- दुर्गापूजा विश्व की सांस्कृतिक धरोहर
रानीगंज। दुर्गापूजा के आयोजन में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने वाली समितियों को राहत देने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से घोषित अनुदान योजना के तहत सोमवार को रानीगंज में चेक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। रानीगंज थाना की पहल पर आयोजित कार्यक्रम में थाना क्षेत्र की लगभग 95 दुर्गापूजा समितियों के प्रतिनिधियों को एक-एक लाख रुपये के अनुदान का चेक दिया गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रत्येक समिति को एक-एक पौधा भी बांटा गया। सरकारी सहायता से पूजा समितियों को आयोजन की तैयारियों में आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।कार्यक्रम में रानीगंज के विधायक पार्थो घोष, एसीपी विमान कुमार मिर्धा, रानीगंज थाना प्रभारी पार्थो घोष, बल्लभपुर चौकी प्रभारी पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती, एगारा पंचायत सदस्य बादशाह चटर्जी, समशेर सिंह, दिनेश सोनी देवोजीत खां सहित अन्य जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित थे।इस अवसर पर विधायक पार्थो घोष ने कहा कि दुर्गापूजा केवल बंगाल या भारत तक सीमित त्योहार नहीं है, बल्कि यह विश्वभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाली सांस्कृतिक धरोहर है। इस पर्व के साथ लोगों की आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता जुड़ी हुई है। दुर्गापूजा के दौरान समाज के सभी वर्गों के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। ऐसे में आर्थिक अभाव के कारण किसी पूजा समिति को आयोजन में परेशानी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दुर्गापूजा के आयोजन में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने वाली समितियों को एक लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की थी। इसी के तहत रानीगंज थाना क्षेत्र की पूजा समितियों को चेक प्रदान किए गए। उन्होंने इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे पूजा समितियों को आयोजन की तैयारियों में मदद मिलेगी और वे उत्सव को बेहतर तरीके से संपन्न कर सकेंगी।विधायक ने बताया कि चेक वितरण के साथ प्रत्येक पूजा समिति को थाना की ओर से एक बैनर भी दिया गया है। बैनर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरें हैं। उन्होंने कहा कि जनता से कर के रूप में प्राप्त राजस्व से पूजा समितियों को अनुदान दिया जा रहा है। इसलिए समितियों को सरकार की इस सहायता के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार रानीगंज सहित आसपास के क्षेत्रों में दुर्गापूजा को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। पूजा समितियां अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुटी हैं। ऐसे में सरकारी अनुदान से आयोजन संबंधी खर्चों में मदद मिलेगी।कार्यक्रम में पूजा समितियों को पौधे बांटने की पहल भी आकर्षण का केंद्र रही। आयोजकों की ओर से आर्थिक सहायता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया गया। पौधों के वितरण के माध्यम से उत्सव के दौरान प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।दुर्गापूजा पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूजा पंडालों, प्रतिमाओं, रोशनी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इस पर्व की रौनक पूरे क्षेत्र में दिखाई देती है। ऐसे में सरकारी अनुदान से समितियों को तैयारियों में सहयोग मिलने के साथ उत्सव का आयोजन सुचारु रूप से करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, पौधों का वितरण पूजा के उल्लास के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
