
डॉ. बिजन मुखर्जी की अपील- पूजा समितियां पुलिसकर्मियों और अन्य सेवाकर्मियों को परिवार सहित पंडाल में करें आमंत्रित
सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता के नियमों का पालन करने की अपील, छूटी हुई समितियों को भी अनुदान योजना में शामिल करने की पहल
जामुड़िया। दुर्गापूजा के आयोजन को भव्य बनाने के साथ सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल रखने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से जामुड़िया की 101 पूजा समितियों को सरकारी अनुदान के चेक प्रदान किए गए। जामुड़िया थाना के सहयोग से श्रीपुर मोड़ स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूजा समितियों के प्रतिनिधियों को अनुदान सौंपा गया। इस दौरान पूजा आयोजकों से अनुदान राशि का जिम्मेदारी से उपयोग करने तथा सुरक्षा, यातायात और पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जामुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी ने कहा कि दुर्गापूजा बंगाल की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस त्योहार के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ आते हैं। पूजा समितियां अपनी रचनात्मकता और मेहनत से पंडालों को आकर्षक रूप देती हैं। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने समितियों से अनुदान राशि का पारदर्शी और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने की अपील की। विधायक ने कहा कि पूजा की भव्यता केवल आकर्षक पंडालों और सजावट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आयोजन ऐसा हो, जिसमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व मिले। उन्होंने समितियों से अपील की कि वे पूजा के दौरान ऐसी व्यवस्था करें, जिससे लोगों को दर्शन करने में परेशानी न हो और किसी भी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न नहीं हो। डॉ. मुखर्जी ने पूजा समितियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि दुर्गापूजा को सफल बनाने में पुलिसकर्मियों, बिजली विभाग के कर्मचारियों, सफाईकर्मियों और जलापूर्ति विभाग के कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ये कर्मचारी त्योहार के दौरान दिन-रात काम करते हैं, ताकि आम लोग निर्बाध रूप से पूजा का आनंद ले सकें। यातायात नियंत्रित करने, बिजली व्यवस्था सुचारु रखने, साफ-सफाई बनाए रखने और जलापूर्ति सुनिश्चित करने में इनकी मेहनत का बड़ा योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि अक्सर अपनी जिम्मेदारियों के कारण ये सेवाकर्मी स्वयं और उनके परिवार पूजा पंडालों को देखने का अवसर नहीं निकाल पाते। इसलिए पूजा समितियों को चाहिए कि वे ऐसे कर्मचारियों को उनके परिवार सहित अपने पंडाल में आमंत्रित करें। इससे उन लोगों को सम्मान मिलेगा, जो पर्दे के पीछे रहकर त्योहार को सफल बनाते हैं।विधायक ने कहा कि दुर्गापूजा की खुशियां तभी सार्थक होंगी, जब आयोजन को सफल बनाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उसमें भागीदारी और सम्मान का अवसर मिलेगा। उन्होंने जामुड़िया की सभी पूजा समितियों से बेहतर आयोजन के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा और रचनात्मकता को नई पहचान देने की अपील भी की। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की अनुदान योजना के तहत इस बार कई नई पूजा समितियों को भी शामिल किया गया है। जिन समितियों को किसी कारणवश अनुदान नहीं मिल पाया है, उन्हें अपनी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है, ताकि पात्र समितियों को भी योजना का लाभ दिलाने की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने पूजा आयोजकों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि पंडालों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दर्शन के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें।अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को भी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया। पूजा समितियों से साफ-सफाई बनाए रखने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से बचने की अपील की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूजा का आयोजन जितना भव्य होगा, उसकी सुरक्षा और अनुशासन संबंधी व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए।कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार, डीसी ध्रुव दास, एसीपी ट्रैफिक-2 जयंतो बाग, जामुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी, प्रखंड विकास पदाधिकारी भास्कर विश्वास, जामुड़िया थाना प्रभारी सोमेंद्र नाथ सिंह ठाकुर, यातायात निरीक्षक राणा अंबिका, श्रीपुर फांड़ी प्रभारी मेहराज अंसारी, केंदा फांड़ी प्रभारी मदनमोहन दत्ता और जामुड़िया यातायात थाना प्रभारी सुकांतो दास सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा पूजा समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम के माध्यम से पूजा समितियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के साथ दुर्गापूजा संपन्न कराने पर जोर दिया गया।
