दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है भारतीय डाक, एक कॉल पर डाकिया घर पहुंचाएगा दस हजार रुपये : अशोक कुमार

कोलकाता, 09 अक्टूबर। विश्व डाक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को भारतीय डाक विभाग के पश्चिम बंगाल परिमंडल ने राष्ट्रीय डाक सप्ताह 2026 का शानदार आगाज किया। कोलकाता के ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल अशोक कुमार ने कहा कि भारतीय डाक दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है, जो देश के हर घर से वाकिफ है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान तकनीक का हाथ थामकर भारतीय डाक भी तेजी से विकसित हो रही दुनिया के साथ कदमताल कर रहा है। आज विभाग की व्यवस्था इतनी सशक्त हो चुकी है कि देश के किसी भी हिस्से में यदि किसी व्यक्ति को पैसों की तत्काल आवश्यकता हो, तो उसे केवल इंडियन पोस्ट को कॉल करना होगा। इसके बाद डाकिया सीधे उनके घर पहुंचेगा और उनके फोन नंबर व अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) के जरिए उनके बैंक खाते से 10 हजार रुपये तक की नकद राशि उन्हें घर बैठे उपलब्ध करा देगा।

इस वर्ष राष्ट्रीय डाक सप्ताह की वैश्विक थीम ‘विश्व डाक दिवस : एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं’ रखी गई है। यह थीम डाक विभाग की निरंतर बढ़ती भूमिका, तकनीकी एकीकरण और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को दर्शाती है। सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन में 12 अक्टूबर को फन विद फिलाटेली डे, 13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन एवं सीसीएस डे, 14 अक्टूबर को मेल्स एंड पार्सल्स डे और 15 अक्टूबर को तकनीकी एवं नवाचार दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

उद्घाटन समारोह में दक्षिण बंगाल क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल रिजु गांगुली और प्रयाग फिलाटेलिक सोसाइटी के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ‘दुर्गा पूजा – अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ विषय पर एक विशेष आवरण (स्पेशल कवर) का विमोचन किया गया। इसके अलावा डाक टिकटों से प्रेरित परिधानों पर आधारित एक अनूठा अंतर-विद्यालय फिलाटेलिक फैशन शो ‘फिलाटेली ऑन द रनवे’ भी आयोजित किया गया। इस मौके पर युवाओं के लिए यूपीयू अंतर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता 2026 के परिमंडल स्तर के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।

समारोह में पश्चिम बंगाल परिमंडल की रणनीतिक उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। विभाग ने युवाओं और आधुनिक उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक लेआउट और डिजिटल सुविधाओं से लैस पांच नए नेक्स्ट-जेनरेशन (एन-जेन) डाकघरों की शुरुआत की है। साथ ही, पश्चिम बंगाल सरकार के साथ आयुष्मान भारत लाभार्थियों के ई-केवाईसी सत्यापन के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे भौतिक कार्ड सीधे लोगों के घरों तक पहुंचाए जा सकेंगे।

पर्यावरण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में, डाक नेटवर्क पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के सहयोग से किसानों और जमींदारों तक स्पीड पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री का संदेश पहुंचाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी विभाग ने अपनी पकड़ मजबूत की है और दूरदराज के क्षेत्रों व स्कूलों में विशेष शिविरों के माध्यम से आधार नामांकन और अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट जैसी महत्वपूर्ण नागरिक सेवाएं निरंतर प्रदान कर रहा है।

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