
कोलकाता, 4 अप्रैल । आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने राज्य में 4,660 सहायक मतदान केंद्र स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। ये केंद्र उन क्षेत्रों में बनाए जाएंगे जहां मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक है।
इसके अलावा, मतदाताओं की पहुंच आसान बनाने के लिए 321 मतदान केंद्रों के स्थान परिवर्तन को भी स्वीकृति मिली है। इन नए प्रबंधनों से राज्य में कुल मतदान केंद्रों (सहायक केंद्रों सहित) की संख्या बढ़कर 85,379 हो गई है।
चुनाव आयोग ने 28 मार्च के पत्र संख्या 3485-गृह (निर्वाचन) का हवाला देते हुए कहा कि इन प्रस्तावों को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। आयोग ने निर्देश दिया है कि सहायक मतदान केंद्रों की स्थापना में मतदान केंद्रों की पुस्तिका 2020 के पैरा 4.2.2 के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन हो। पारदर्शिता के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को बदलावों की लिखित सूचना दी जाए।
यदि किसी मतदान केंद्र का स्थान बदला जाता है, तो संबंधित क्षेत्र के सभी मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से सूचित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। साथ ही, सहायक केंद्रों की स्थापना और स्थान परिवर्तन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
चुनाव सुरक्षा के लिए आयोग राज्य में 2.4 लाख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की तैनाती की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 4 मई को मतगणना के बाद भी 500 कंपनियों की तैनाती जारी रहेगी।
इस बीच, आयोग ने तृणमूल कांग्रेस नेताओं को दी जा रही सुरक्षा में राज्य पुलिस की कथित असंतुलित तैनाती पर गंभीर चिंता जताई है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, चुनाव घोषणा से पहले राज्य सरकार ने तृणमूल से जुड़े 832 व्यक्तियों और 144 अन्य समर्थकों की सुरक्षा में 2,185 पुलिसकर्मियों को लगाया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को दो-तीन दिनों के भीतर निष्पक्ष और पेशेवर समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
