
समिति के प्रवक्ता सारनाथ घोष बोले – सभी दस्तावेज देंगे, लेकिन ऐतिहासिक पूजा समिति को इस तरह परेशान करना उचित नहीं
कोलकाता, 27 जुलाई (हि.स.)। कोलकाता की ऐतिहासिक देशप्रिय पार्क दुर्गोत्सव समिति ने आरोप लगाया है कि राज्य में नई सरकार बनने के बाद समिति को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। समिति का कहना है कि कोलकाता नगर निगम की ओर से वर्ष 2021 में पूजा संचालन के लिए कार्यालय उपलब्ध कराया गया था और उसके सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद हाल के दिनों में बार-बार नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।
समिति के प्रवक्ता सारनाथ घोष ने हिन्दुस्थान समाचार से विशेष बातचीत में बताया कि इसी वर्ष फरवरी में समिति की नई कार्यकारिणी का गठन हुआ था। नई कमेटी ने कार्यभार संभालने के बाद प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित करना शुरू किया, लेकिन राज्य में नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण के बाद कोलकाता नगर निगम की ओर से लगातार नोटिस मिलने लगे।
उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को नगर निगम ने एक और नोटिस जारी कर क्लब और कार्यालय से जुड़े सभी दस्तावेज जमा करने को कहा है। समिति के पास राज्य सरकार द्वारा दिया गया डीड एग्रीमेंट, लीज से संबंधित कागजात और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। ऐसे में लगभग नौ दशक पुरानी प्रतिष्ठित पूजा समिति से नए सिरे से सभी दस्तावेज जमा कराने की मांग कई सवाल खड़े करती है।
सारनाथ घोष ने कहा कि समिति नगर निगम को सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएगी और जांच में पूरा सहयोग करेगी, लेकिन जिस तरीके से ऐतिहासिक और गैर-राजनीतिक संस्था को बार-बार नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है, वह स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके के कुछ अति वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों ने नगर निगम के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर समिति को परेशान करने की कोशिश की है। उनके अनुसार, समिति को राजनीतिक विवादों में घसीटने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वर्ष 1938 में स्थापित इस पूजा समिति का किसी भी राजनीतिक दल से कभी कोई संबंध नहीं रहा है।
सारनाथ घोष ने बताया कि देशप्रिय पार्क दुर्गोत्सव समिति लगभग 90 वर्षों से लगातार दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है और कोलकाता की सबसे प्रतिष्ठित पूजा समितियों में इसकी गिनती होती है। इसके बावजूद नई सरकार बनने के बाद समिति को तृणमूल कांग्रेस से जोड़कर निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके फंड पर भी कब्जा करने और कंट्रोल करने की कोशिश हो रही है।
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मंत्री स्वप्न दास गुप्ता को नहीं मिल रहा मिलने का समय
उन्होंने यह भी कहा कि समिति की समस्याओं से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सकारात्मक सहयोग नहीं मिला। समिति की ओर से कई लोगों ने क्षेत्र के विधायक एवं राज्य के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता से मिलने की कोशिश की। उनका आवास पूजा समिति से महज 200-300 मीटर की दूरी पर है, लेकिन अब तक मुलाकात का समय नहीं मिल सका।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मदद की गुहार
पूजा समिति की ओर से पश्चिम बंगाल के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मदद की गुहार लगाई गई है। उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया है और घटना से अवगत कराया गया है। समिति को उम्मीद है कि इतनी ऐतिहासिक और पुरानी पूजा को डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा।
समिति ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया का पूरा सम्मान करती है और नगर निगम द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएगी। साथ ही उसने उम्मीद जताई कि प्रशासन तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लेगा और ऐतिहासिक दुर्गोत्सव समिति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा।
सारनाथ घोष ने दुर्गा पूजा समिति के खिलाफ अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
