मालदा में न्यायिक अधिकारियों के उत्पीड़न के पीछे भाजपा-चुनाव आयोग की साजिश : ममता बनर्जी

कोलकाता, 02 अप्रैल। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि मालदा जिले के कालियाचक में सात न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारत निर्वाचन आयोग की “संयुक्त साजिश” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का रास्ता तैयार करना है।
मुर्शिदाबाद जिले के सागरदिघी में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण राज्य प्रशासन पर उनका सीधा नियंत्रण नहीं है, लेकिन चुनाव आयोग सुरक्षा देने में विफल रहा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
ममता बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों के नाम न्यायिक निर्णय प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी शिकायतें वास्तविक हो सकती हैं, लेकिन किसी भी उकसावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की छवि को नुकसान पहुंचाने और चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए हैदराबाद से जुड़े राजनीतिक दल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बनाई गई पार्टी की भूमिका पर भी परोक्ष रूप से सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन ताकतों ने लोगों को सड़क जाम करने और न्यायिक अधिकारियों का घेराव करने के लिए उकसाया।
उन्होंने कहा कि, यदि राज्य में शांति नहीं रही तो इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त नए मुख्य सचिव स्थिति को संभालने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि मालदा की घटना से राज्य की छवि धूमिल हुई है और सभी को मिलकर शांति बनाए रखने की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *