आसनसोल नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाई राजनीति

कांग्रेस ने जिला शासक को सौंपा शिकायत पत्र, दोषी पार्षदों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

आसनसोल। आसनसोल नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस की ओर से नगर निगम के कई पार्षदों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए पश्चिम बर्दवान के जिला शासक को लिखित शिकायत सौंपी गई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। बुधवार को कांग्रेस नेता प्रसनजीत पूईटुंडी तथा नगर निगम पार्षद एस. एम. मुस्तफा ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नगर निगम के कई तृणमूल कांग्रेस पार्षद भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और तथ्य मौजूद हैं, जिन्हें जिला शासक और नगर निगम प्रशासन को सौंप दिया गया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम में विकास कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और विभिन्न योजनाओं में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता के पैसे का दुरुपयोग किया गया है और कई कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। नेताओं का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है। प्रसनजीत पूईटुंडी ने कहा कि शिकायत दिए जाने के बाद भी अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को जानबूझकर दबाने की कोशिश की जा रही है। वहीं पार्षद एस. एम. मुस्तफा ने कहा कि यदि भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई नहीं होती है तो जनता का प्रशासन और व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जिन पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से कार्रवाई की जाए। उन्होंने यहां तक कहा कि दोषी पार्षदों की जनता के सामने परेड कराई जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि भ्रष्टाचार करने का साहस न कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की चुप्पी और कार्रवाई में देरी से लोगों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का रास्ता अपना सकती है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम और प्रशासनिक महकमे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि कांग्रेस की शिकायत के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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