आसनसोल के बर्नपुर गुरुद्वारा स्कूल में कथित भ्रष्टाचार पर सियासत तेज

मंत्री अग्निमित्रा पाल ने नवान्न से जांच कराने की कही बात, फीस वसूली और नियुक्तियों पर उठे सवाल

आसनसोल। आसनसोल के बर्नपुर स्थित गुरुद्वारा स्कूल में कथित भ्रष्टाचार और विभिन्न प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि स्कूल से जुड़ी शिकायतों की जांच नवान्न स्तर से कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया, छात्रों से कथित रूप से अधिक फीस वसूली, मिड डे मील व्यवस्था तथा अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय मंत्री से बातचीत की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थान समाज का आधार होते हैं और वहां किसी भी प्रकार की आर्थिक अनियमितता या भ्रष्टाचार स्वीकार्य नहीं है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि एक दिन पहले भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल बर्नपुर गुरुद्वारा स्कूल पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल के प्रिंसिपल से मुलाकात कर स्कूल की व्यवस्थाओं और संचालन से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान कई अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने छात्रों से अत्यधिक फीस वसूले जाने की शिकायत भी भाजपा नेताओं के सामने रखी। भाजपा नेता रामानंद साह, मंडल अध्यक्ष तथा अल्पसंख्यक नेता अनमोल सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल में लंबे समय से कई प्रकार की अनियमितताएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है और कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का अभाव है। भाजपा नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। इधर मंत्री अग्निमित्रा पाल के बयान के बाद यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि नवान्न स्तर से जांच प्रक्रिया कब शुरू होती है और आरोपों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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