
मामा-भांजा की जोड़ी गिरफ्तार, पूरा तस्करी नेटवर्क हिला
कोलकाता/आसनसोल। पश्चिम बंगाल के आसनसोल शिल्पांचल में वर्षों से जड़ जमाए बैठे अवैध कोयला और बालू तस्करी नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। ईडी ने रानीगंज के बख्तार नगर निवासी चिन्मय मंडल और उसके भांजे किरण खाँ को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में खलबली मच गई है।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपी आपस में मामा-भांजा हैं और एक संगठित तस्करी सिंडिकेट के अहम सदस्य बताए जा रहे हैं। किरण खाँ को क्षेत्र में बालू कारोबार का बड़ा और प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। उसके नाम पर कई बालू घाट संचालित होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि वैध कारोबार की आड़ में लंबे समय से अवैध बालू उठाव और तस्करी की जा रही थी।
ईडी सूत्रों का दावा है कि चिन्मय मंडल का नाम आसनसोल क्षेत्र में कोयला, बालू और पत्थर के अवैध कारोबार से वर्षों से जुड़ा रहा है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दोनों मिलकर अवैध धन को विभिन्न माध्यमों से खपाने और नेटवर्क को मजबूत करने में जुटे थे।
धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही जांच के दौरान ईडी ने दोनों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन और तस्करी से जुड़े अन्य कारोबारियों में भी डर और बेचैनी का माहौल है।
मामले में बुदबुद थाना प्रभारी मनोरंजन मंडल को भी पूछताछ के लिए ईडी ने तलब किया था। हालांकि वे उपस्थित नहीं हो सके। इससे पहले उनके आवास पर छापेमारी हो चुकी है, जिसके बाद उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि 21 नवंबर और 3 फरवरी को ईडी ने दुर्गापुर, रानीगंज और जामुड़िया समेत करीब 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। एजेंसी का कहना है कि पूरे तस्करी नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं और आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
