
आई-पैक पर छापेमारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध, दुर्गापुर से कुल्टी तक उग्र प्रदर्शन
आसनसोल। चुनाव रणनीतिकार संस्था आई-पैक (I-PAC) के कार्यालय और उसके प्रमुख के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आह्वान पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गुरुवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पश्चिम बर्द्धमान जिला पूरी तरह राजनीतिक उबाल की चपेट में रहा।
दुर्गापुर के भिड़ंगी मोड़ पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) को जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ तीखे नारे लगाए, जिससे यातायात काफी देर तक बाधित रहा। प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ जनभावनाओं को मुखर रूप से सामने रखा।
राज्य मंत्री प्रदीप मजूमदार का केंद्र पर तीखा प्रहार
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए राज्य के मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक रूप से तृणमूल कांग्रेस से मुकाबला करने में असफल रही है, इसलिए वह ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का सहारा लेकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, “भाजपा एजेंसियों के डर से जनता को भयभीत नहीं कर सकती। बंगाल की जनता 2026 के विधानसभा चुनाव में इस तानाशाही और साजिश का करारा जवाब देगी।”
पूरे पश्चिम बर्द्धमान में उग्र आंदोलन
यह आंदोलन केवल दुर्गापुर तक सीमित नहीं रहा। आसनसोल, कुल्टी, रानीगंज और पांडवेश्वर सहित जिले के विभिन्न ब्लॉकों और वार्डों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने विशाल रैलियां निकालीं और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। हर जगह एक स्वर में ईडी की कार्रवाई को “राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित” बताया गया।
कुल्टी के नियामतपुर में पथावरोध,ईडी का पुतला दहन
कोलकाता के सॉल्टलेक स्थित आई-पैक कार्यालय में ईडी की कार्रवाई के विरोध में कुल्टी के नियामतपुर में भी पथावरोध किया गया। इस प्रदर्शन में टीएमसी नेता उज्ज्वल चटर्जी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
उज्ज्वल चटर्जी ने कहा, “जब भाजपा राजनीतिक रूप से तृणमूल कांग्रेस से जीत नहीं पा रही है, तब वह केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। इसका उद्देश्य टीएमसी और उससे जुड़े संगठनों का मनोबल तोड़ना है, लेकिन यह षड्यंत्र कभी सफल नहीं होगा।”
प्रदर्शन के दौरान ईडी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध दर्ज कराया गया।
लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
तृणमूल कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह लोकतंत्र, संघीय ढांचे और बंगाल के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रताड़ना के सामने झुकने वाली नहीं है।
