
रानीगंज। परमप्रेममय युगपुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर अनुकुलचंद्रजी की पावन 138वीं जन्मजयंती के अवसर पर पश्चिम बर्दवान जिले के कोयलाखनन क्षेत्र अंतर्गत रानीगंज के राजवाड़ी मैदान में सत्संगीवृंद के संयुक्त प्रयास से “प्रियोबोधि महोत्सव (प्रथम वर्ष)” का भव्य आयोजन किया गया। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम पूरे दिन विविध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ श्रद्धा और उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं था, बल्कि मानवता, सद्भाव और शाश्वत सत्य की खोज का एक सामूहिक उत्सव रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य ठाकुर अनुकुलचंद्रजी के आदर्शों, जीवन-दर्शन और मानव-कल्याण के संदेशों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना रहा।परमपूज्यपाद श्री श्री आचार्यदेव के अमृतमय आशीर्वाद एवं परमपूज्यपाद श्री श्री अबिनदादा की प्रेरणा से आयोजित इस महोत्सव में सत्संग, प्रवचन, भजन-कीर्तन तथा प्रेरणामूलक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई, जिससे उपस्थित श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठे। महोत्सव समिति ने अपने संदेश में सभी नागरिकों से जाति, धर्म, वर्ण या समुदाय के भेदभाव से ऊपर उठकर इस पावन अवसर में सहभागी बनने और शाश्वत सत्य की खोज में एकजुट होने का आह्वान किया। मनुष्य जब आचार्य-अनुराग में रंजित होकर कर्म करता है, तब वही स्वर्ण-फल देता है। आचार्य के निर्देश-पथ पर चलना ही वास्तविक साधना है। श्री श्री ठाकुर अनुकुलचंद्रजी के अनुसार, जब मन एकाग्र हो उठता है, तब न केवल स्वयं की बाधाएँ दूर होती हैं, बल्कि अनेकों के जीवन से भी अंधकार मिटाने की शक्ति उत्पन्न होती है। महोत्सव का मूल संदेश “वंदे पुरुषोत्तमम्” के साथ यह आयोजन न केवल रानीगंज, बल्कि पूरे पश्चिम बर्दवान क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। इस अवसर पर आसनसोल नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य दिव्येंदु भगत, अनुराधा मालिया सराफ, डॉ. हेमंत राय सहित संपूर्ण कोयलाखनन क्षेत्र के सभी सत्संगी उपस्थित रहे। इनके अलावा बिंद्रा समिति के अध्यक्ष डॉ. सुप्रियो गोप, संपादक उत्पल माजी तथा भागवत दास, अमर दे, आशीष घोष, कार्तिक मजूमदार, अनिल कुमार मंडल, खोका रंजन दे, कोलकाता हाईकोर्ट के अधिवक्ता स्वप्निल मुखर्जी, अधिवक्ता शांतनु नाग सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।
