36 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी रद्द करने का फैसला मानने को तैयार नहीं शिक्षा बोर्ड, खंडपीठ पहुंचा

 

कोलकाता, 15 मई । कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते 36 हजार अप्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों को नौकरी से हटाने का आदेश दिया था। प्राथमिक शिक्षा बोर्ड इसे मानने को तैयार नहीं है। कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गांगुली की एकल पीठ के फैसले के खिलाफ प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने खंडपीठ में याचिका लगाई है। हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ में मामला दाखिल किया गया है। मंगलवार को मामले की सुनवाई होगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते शुक्रवार को जस्टिस गांगुली ने आदेश दिया था कि प्राथमिक शिक्षक के तौर पर नियुक्त किए गए 36‌ हजार अप्रशिक्षित लोगों को चार महीने के अंदर नौकरी से हटाई जाए। उन्हें चार महीने तक पैरा‌ टीचर्स के तौर पर वेतन मिलेगा और इस समय के अंदर राज्य सरकार को नई नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस फैसले को लेकर प्राथमिक शिक्षा परिषद के चेयरमैन गौतम पाल ने स्पष्ट कर दिया था कि इस आदेश का क्रियान्वयन करने पर अराजक स्थिति बन जाएगी। उन्होंने कहा था कि इसके खिलाफ कानूनी विकल्प ढूंढ रहे हैं। अब सोमवार को कोर्ट खुलते ही खंडपीठ में याचिका लगाई गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *