
बल्लभपुर हाटतला से निकले स्वयंसेवक, नगर की विभिन्न सड़कों से गुजरा संचलन; सामाजिक एकता और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पर दिया जोर
रानीगंज। पितृपक्ष की समाप्ति और मातृपक्ष के शुभारंभ के अवसर पर शनिवार को महालया के दिन रानीगंज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से पथ संचलन निकाला गया। बल्लभपुर हाटतला से शुरू हुए इस संचलन में संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से हिस्सा लिया। सफेद कमीज, खाकी पतलून और सिर पर काली टोपी पहने स्वयंसेवक पैदल तथा मोटरसाइकिलों से नगर की विभिन्न सड़कों से गुजरे। महालया के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से अनुशासन, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक एकता और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। देवीपक्ष की शुरुआत के साथ दुर्गापूजा की तैयारियों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में विशेष माहौल देखने को मिला। स्वयंसेवकों ने कतारबद्ध होकर संचलन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में अनुशासन की भावना मजबूत करने, आपसी सौहार्द बढ़ाने और लोगों को अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने का संदेश देना रहा।रानीगंज शाखा के सदस्यों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रप्रेम, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना और हिंदू समाज के संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि संघ की गतिविधियों में शारीरिक अभ्यास, बौद्धिक चर्चा और अनुशासन को विशेष महत्व दिया जाता है। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों में राष्ट्र के प्रति समर्पण, सामाजिक जिम्मेदारी और संगठन की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है।आगे कहा कि समाज में अनुशासन बनाए रखने, लोगों के बीच आपसी भाईचारा बढ़ाने और नागरिकों में कर्तव्यबोध जगाने के उद्देश्य से पथ संचलन का आयोजन किया गया। संघ की ओर से समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक एकजुटता और संगठन का संदेश दिया जाता है। जानकारी के अनुसार, रानीगंज के बल्लभपुर के अलावा जामुड़िया आसनसोल और कुल्टी समेत शिल्पांचल के विभिन्न क्षेत्रों में भी संघ की शाखाओं की ओर से पथ संचलन और शाखा मिलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। महालया के अवसर पर इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
