
अंडाल। अंडाल थाना क्षेत्र के काजोड़ा गोलाई इलाके में ईसीएल के कई बंद क्वार्टरों में चोरी की घटनाओं से इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की जांच करते हुए अंडाल थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से धारदार हथियार, मोबाइल फोन और नकदी बरामद करने का दावा किया है। घटना के बाद बंद पड़े ईसीएल क्वार्टरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, 9 अगस्त की देर रात काजोड़ा गोलाई इलाके में ईसीएल के कई बंद क्वार्टरों में चोरी की घटनाएं हुईं। बताया गया कि इन क्वार्टरों में रहने वाले लोग उस समय अपने घरों पर मौजूद नहीं थे। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर चोरों ने एक के बाद एक कई बंद क्वार्टरों चोरी की घटना को अंजाम दिया। 10 अगस्त की सुबह जब संबंधित क्वार्टरों के निवासी अपने-अपने घर लौटे तो उन्हें चोरी की जानकारी हुई। घरों के ताले टूटे मिले और सामान अस्त-व्यस्त पाया गया। इसके बाद घटना की सूचना अंडाल थाने की पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल तथा आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां दिखाई दीं। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान करने और उनके ठिकाने तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज से मिले सुरागों के आधार पर 11 अगस्त की रात बहुला इलाके में छापेमारी की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से धारदार हथियार, मोबाइल फोन और नकदी बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को 12 अगस्त को अदालत में पेश किया गया। पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का यह पता लगाने का प्रयास है कि चोरी की इन घटनाओं में केवल गिरफ्तार दोनों आरोपी शामिल थे या इनके साथ किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। इसके अलावा पुलिस बरामद मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान के स्रोत की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामान चोरी की घटनाओं से संबंधित है या नहीं। साथ ही इलाके में पहले हुई चोरी की अन्य घटनाओं से भी आरोपियों के संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। पुलिस इस पहलू को भी खंगाल रही है कि बंद ईसीएल क्वार्टरों को ही निशाना बनाने के पीछे कोई विशेष वजह थी या नहीं। यदि जांच के दौरान किसी बड़े गिरोह या संगठित चोर गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बंद क्वार्टरों में चोरी की घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से बंद पड़े आवासों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की जरूरत है। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच जारी रखते हुए चोरी की घटनाओं से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
