
आसनसोल । कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी एवं देश की प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनियों में शामिल ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की 51वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) का सांकतोड़िया स्थित कंपनी मुख्यालय हाइब्रिड मोड में हुई, जिसमें कंपनी के अधिकारियों एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने प्रत्यक्ष और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से भाग लिया। बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम, निदेशक (वित्त) मुकेश अग्रवाल, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सतीश झा, कोयला मंत्रालय की उप महानिदेशक डॉ. चेतना शुक्ला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ईसीएल के सभी निदेशक, कोल इंडिया लिमिटेड के कंपनी सचिव बी.पी. दुबे, ईसीएल मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्ष तथा विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधकों ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सतीश झा ने वित्त वर्ष 2025-26 को कंपनी के लिए ऐतिहासिक वर्ष बताया। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के दौरान ईसीएल ने अब तक का सर्वाधिक कोयला उत्पादन दर्ज किया। उन्होंने कहा कि कंपनी की उपलब्धि केवल उत्पादन के क्षेत्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि परिचालन व्यवस्था, सतत विकास से जुड़ी कार्यप्रणाली तथा शासन-व्यवस्था के ढांचे में भी महत्वपूर्ण गुणात्मक सुधार किए गए हैं। सतीश झा ने कहा कि कंपनी ने उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भी प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि बदलते ऊर्जा परिदृश्य में ईसीएल देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम ने वित्त वर्ष 2025-26 में ईसीएल के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कंपनी के उत्पादन और परिचालन संबंधी उपलब्धियों को महत्वपूर्ण बताते हुए भविष्य में प्रदर्शन को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने खदानों में राजस्व साझाकरण मॉडल के विस्तार, कोयले की गुणवत्ता में सुधार तथा सतत विकास से जुड़ी पहलों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और आगामी कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लेखापरीक्षित वित्तीय विवरणों को प्रस्तुत किया गया और उनका अंगीकरण किया गया। इसके साथ ही निदेशकों की रिपोर्ट भी बैठक के समक्ष प्रस्तुत की गई। बैठक में कंपनी की भावी कार्ययोजना और विकास की दिशा पर भी विचार-विमर्श किया गया।अधिकारियों ने उत्पादन क्षमता में वृद्धि, परिचालन दक्षता को बेहतर बनाने, कोयले की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल तथा कंपनी के दीर्घकालिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। एजीएम के दौरान ईसीएल ने देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विश्वसनीय और निरंतर कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी की ओर से कहा गया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा में कोयला क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और ईसीएल भविष्य में भी इस जिम्मेदारी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाएगी।
कंपनी ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल नवाचार को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल कर खनन कार्यों को सुरक्षित, पारदर्शी और अधिक दक्ष बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ईसीएल की ओर से कहा गया कि कंपनी उत्पादन और व्यावसायिक उपलब्धियों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को भी महत्वपूर्ण मानती है। देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विश्वसनीय कोयला आपूर्ति, खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और सतत विकास को बढ़ावा देना कंपनी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक के समापन पर वित्त वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों की समीक्षा के साथ कंपनी के आगामी लक्ष्यों को लेकर भी दिशा तय की गई। अधिकारियों ने ईसीएल को उत्पादन, सुरक्षा, गुणवत्ता, सतत विकास और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।
