
संघमित्रा सक्सेना:- बैरकपुर सबडिवीजनल सूचना और सांस्कृतिक विभाग के तरफ से कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर के पुण्यतिथि पालन किया गया। बता दे कि बंगाली कैलेंडर के अनुसार 22शे श्रवण, सन 1348 में गीतांजलि के लिए नोवेल पुरस्कार से भूषित कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर का स्वर्गवास हुआ था।

उनके पुण्यतिथि में टैगोर के कविता,रविंद्र नृत्य तथा रविंद्र संगीत के साथ उन्हें स्मरण किया गया। उत्तर 24 परगना के जिला शासक ने इस कार्यक्रम को खूब सराहा। संस्कृति ही सभ्यता का धरोहर होती है। हमारे देश के कवि और कवयित्री इस देश की वह धरोहर हैं, जिन्होंने हमेशा समाज को सटीक मार्गदर्शन किया हैं। बैरकपुर तथ्य संस्कृति दफ्तर की *कवि स्मरण* कार्यक्रम की सभी प्रशंसा कर रही है।
