
जामुड़िया। बांकुड़ा जिले की आशा कर्मी रुम्पा मंडल की मृत्यु तथा हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित वीडियो को लेकर मंगलवार को जामुड़िया ब्लॉक की आशा कर्मियों ने विरोध-प्रदर्शन किया। काली पट्टी बांधकर बड़ी संख्या में आशा कर्मियां जामुड़िया ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने मौन रखकर दिवंगत सहकर्मी को श्रद्धांजलि अर्पित की और अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी आशा कर्मियों का कहना था कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें शालतोड़ा की विधायक चंदना बाउरी कथित रूप से एक आशा कर्मी से तीखी बातचीत करती दिखाई दे रही हैं। आशा कर्मियों का आरोप है कि वीडियो में उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रदर्शन के दौरान आशा कर्मियों ने बताया कि बांकुड़ा जिले के गंगाजलघाटी क्षेत्र की आशा कर्मी रुम्पा मंडल की 3 अगस्त को हृदयाघात से मृत्यु हो गई। उनका आरोप है कि आशा कर्मियों से उनके निर्धारित दायित्वों के अतिरिक्त कई अन्य कार्य भी कराए जा रहे हैं, जबकि उन कार्यों के लिए उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण उपलब्ध नहीं कराया जाता। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार और मानसिक दबाव के कारण उन्हें गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आशा कर्मियों ने मांग की कि उनसे केवल उनके निर्धारित कार्य ही कराए जाएं अथवा अतिरिक्त दायित्व दिए जाने से पहले आवश्यक प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि इससे न केवल कार्य की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि कर्मियों पर अनावश्यक मानसिक दबाव भी कम होगा। प्रदर्शन के दौरान आशा कर्मियों ने बीडीओ कार्यालय के समक्ष अपनी मांगों से संबंधित विरोध दर्ज कराया और प्रशासन से इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपील की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि आशा कर्मियों द्वारा लगाए गए आरोपों तथा रुम्पा मंडल की मृत्यु और कार्य के दबाव के बीच प्रत्यक्ष संबंध की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, वायरल वीडियो की सत्यता की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा जारी है।
