जामुड़िया के ईस्ट केंदा में खेलते समय करंट की चपेट में आया मासूम, ईसीएल की लापरवाही का आरोप; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जामुड़िया। जामुड़िया इलाके स्थिति ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के केंदा क्षेत्र अंतर्गत न्यू केंदा कोलियरी के ईस्ट केंदा ओड़िया पाड़ा में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया। क्रिकेट खेलते समय नौ वर्षीय बालक करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसके दाहिने हाथ की हथेली तथा चेहरे का एक हिस्सा झुलस गया। घटना के बाद परिजनों ने तत्काल घायल बच्चे को बहादुरपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी व्याप्त है। घायल बालक की पहचान उपेंद्र यादव के पुत्र पियूष यादव (9) के रूप में हुई है। बच्चे की मां पिंकी देवी ने बताया कि रविवार शाम अन्य दिनों की तरह पियूष अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान गेंद पकड़ने के प्रयास में उसका हाथ खुले बिजली के तार से छू गया। करंट का तेज झटका लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। पिंकी देवी ने आरोप लगाया कि ईसीएल द्वारा ओड़िया पाड़ा के समीप तालाब निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई कराई जा रही है। खुदाई से निकली मिट्टी का ऊंचा टीला बनने के कारण बिजली का तार पहले की अपेक्षा काफी नीचे और लोगों की पहुंच के करीब आ गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के उचित इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि ईसीएल प्रबंधन की लापरवाही और उदासीनता के कारण क्षेत्र में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।भाजपा नेता रुपेश यादव ने भी घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विगत गुरुवार को ईस्ट केंदा खटाल पाड़ा निवासी रवींद्र यादव की करंट लगने से मौत हो गई थी। उस घटना के महज तीन दिन बाद फिर एक मासूम का करंट की चपेट में आ जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईसीएल प्रबंधन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को असुरक्षित वातावरण में जीवन बिताना पड़ रहा है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। घटना के बाद सोमवार सुबह से ईसीएल प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर पूरे ईस्ट केंदा कॉलोनी की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। साथ ही तालाब निर्माण के दौरान बने मिट्टी के टीले को समतल करने का कार्य शुरू कराया गया, ताकि बिजली के तार लोगों की पहुंच से दूर हो जाएं और भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में खुले बिजली के तार और निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही लापरवाही लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने ईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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