कोलकाता । एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू चुनाव जीत चुकी हैं। पूरे देश से उन्हें रिकॉर्ड संख्या में वोट मिले हैं। इस बीच आशा के विपरीत पश्चिम बंगाल में भी उनके पक्ष में क्रॉस वोटिंग हुई है जो तृणमूल कांग्रेस को नागवार गुजरने वाला है। विधानसभा से 71 विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोटिंग की है। भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायकों की संख्या केवल 69 है। ऐसे में दो वोट कहां से आए यह बंगाल के राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बन गया है। गत सोमवार को वोटिंग वाले दिन राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के बड़े नेता और ममता कैबिनेट में मंत्री फिरहाद हकीम ने दावा किया था कि बंगाल विधानसभा में यशवंत सिन्हा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग होगी। भाजपा के विधायक भी सिन्हा को वोट देंगे।
दूसरी ओर भाजपा की ओर से अग्निमित्र पॉल ने दावा किया था कि तृणमूल के विधायक द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोटिंग करेंगे। और अब जबकि परिणाम गुरुवार देर रात तक स्पष्ट हुए हैं तो पता चला है कि बंगाल विधानसभा से द्रौपदी मुर्मू के समर्थन में 71 विधायकों ने वोटिंग की है। ऐसे में स्पष्ट है कि सत्तारूढ़ पार्टी के दो विधायकों ने मुर्मू के पक्ष में वोटिंग की है। तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया है कि पार्टी यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर पार्टी लाइन से विपरित हटकर किसने मुर्मू के पक्ष में मतदान किया है। खबर है कि तृणमूल के आदिवासी विधायक संदेह के घेरे में हैं। हालांकि इस बारे में तृणमूल कांग्रेस बहुत अधिक समय गंवाने वाली नहीं है और इस चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को नजरअंदाज करने की राह पर है।
