पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पानागढ़ के विद्यार्थियों का शैक्षिक भ्रमण: श्रीजोनी शिल्पग्राम और शांतिनिकेतन में अनुभवात्मक शिक्षा का अनूठा अवसर

दुर्गापुर। पीएम श्री योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को कक्षा की सीमाओं से बाहर व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पानागढ़ द्वारा कक्षा द्वितीय से पंचम तक के विद्यार्थियों के लिए एक शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। यह भ्रमण श्रीजोनी शिल्पग्राम तथा शांतिनिकेतन, बोलपुर के लिए आयोजित किया गया, जिसमें कुल 191 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों के साथ 19 शिक्षक—पीआरटी, टीजीटी एवं पीजीटी—संपूर्ण यात्रा के दौरान अनुशासन, सुरक्षा एवं समुचित देखरेख सुनिश्चित करने के लिए उपस्थित रहे।प्रस्थान से पूर्व विद्यालय परिसर में सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया गया तथा सामूहिक छायाचित्र लिया गया। तत्पश्चात विद्यालय के प्राचार्य श्री नंद किशोर सोनी ने यात्रा को औपचारिक स्वीकृति प्रदान करते हुए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को अनुरक्षक शिक्षकों के निर्देशों का पालन करने, विद्यालय की गरिमा बनाए रखने तथा अनुशासित एवं मर्यादित आचरण के साथ भ्रमण का आनंद लेने की प्रेरणा दी। इस शैक्षिक भ्रमण का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत के विभिन्न राज्यों की समृद्ध एवं विविध हस्तशिल्प परंपराओं और पारंपरिक कला रूपों से परिचित कराना था। श्रीजोनी शिल्पग्राम में विद्यार्थियों ने मिट्टी, लकड़ी, धातु, वस्त्र एवं अन्य सामग्रियों से निर्मित विविध प्रकार की मूर्तियां, हस्तनिर्मित कलाकृतियां तथा पारंपरिक शिल्प वस्तुएं देखीं। विभिन्न शिल्पकारों ने विद्यार्थियों के समक्ष हस्तनिर्मित वस्तुओं के निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इससे विद्यार्थियों को न केवल कला निर्माण की तकनीक का ज्ञान हुआ, बल्कि ऐसी कलात्मक कृतियों के निर्माण में निहित परिश्रम, कौशल और धैर्य का भी अनुभव हुआ। यह प्रत्यक्ष अवलोकन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों में भारत की सांस्कृतिक विरासत एवं कलात्मक विविधता के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। साथ ही, पारंपरिक शिल्प के प्रति सम्मान, सौंदर्यबोध और रचनात्मकता की भावना को भी प्रोत्साहन मिला। शांतिनिकेतन की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और प्राकृतिक वातावरण ने विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को और अधिक समृद्ध बनाया। वही इस यात्रा के दौरान सभी विद्यार्थियों को जलपान की समुचित व्यवस्था प्रदान की गई। संपूर्ण कार्यक्रम सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ। पीआरटी शिक्षक—हिमांशु कंडपाल, अनुज उपाध्याय, आकांक्षा यादव, तान्या नेहवाल, अंकुर कुमार तथा संजना कुमारी—का योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा, जिन्होंने विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।समग्र रूप से यह फील्ड विज़िट विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और आनंददायक सिद्ध हुई। इसने कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ते हुए सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाया। विद्यालय प्रबंधन की यह पहल विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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