
आसनसोल। शिल्पांचल की धरती उस समय आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठी, जब प्रख्यात समाजसेवी कृष्णा प्रसाद के कार्यालय में पूज्य स्वामी निर्गुणानंद का पावन आगमन हुआ। इस दिव्य अवसर ने पूरे वातावरण को भक्ति, शांति और सकारात्मकता से भर दिया।
स्वामी निर्गुणानंद के सानिध्य में बिताए गए क्षण उपस्थित जनों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और अविस्मरणीय रहे। अपने ओजस्वी आशीर्वचनों में उन्होंने मानव जीवन के मूल्यों—सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा—पर विशेष बल देते हुए सभी को आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होने का संदेश दिया। उनके प्रेरक विचारों ने न केवल आत्मबल को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा से निभाने की प्रेरणा भी प्रदान की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वामी जी के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
निस्संदेह, ऐसे महान संत का सानिध्य मिलना अत्यंत सौभाग्य का विषय है, जो जीवन को नई दिशा, नई ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करता है।
