निर्वाचन आयोग ने पांच पुलिस पर्यवेक्षक बदले, तबादलों को लेकर सियासत तेज

 

कोलकाता, 28 मार्च । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयाेग ने शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पांच पुलिस पर्यवेक्षकों को बदल दिया। ये सभी अधिकारी दूसरे राज्यों से चुनाव ड्यूटी के लिए नियुक्त किए गए थे।
सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों को बदला गया उनमें बिहार संवर्ग के आईपीएस जयंत कांत भी शामिल हैं। उन्हें मालदा जिले की चार विधानसभा सीट मानिकचक, मोथाबारी, सुजापुर और बैष्णबनगर की जिम्मेदारी दी गई थी। तृणमूल कांग्रेस की लिखित शिकायत के बाद उन्हें हटाया गया।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि जयंत कांत का संबंध बिहार के एक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता से पारिवारिक रूप से है, जिससे उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठता है। इस शिकायत की समीक्षा के बाद आयाेग ने उन्हें बदलने का निर्णय लिया।
उनकी जगह बिहार संवर्ग के ही एक अन्य आईपीएस अधिकारी हृदय कांत को मालदा जिले की उन चार विधानसभा सीटों का नया पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा मुर्शिदाबाद, पश्चिम बर्धमान और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों की कुछ विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी संभाल रहे अन्य पुलिस पर्यवेक्षकों को भी बदला गया है।
चुनाव प्रक्रिया के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की जरूरत के अनुसार तीन प्रकार के पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाते हैं। इनमें सामान्य पर्यवेक्षक, पुलिस पर्यवेक्षक और व्यय पर्यवेक्षक शामिल होते हैं।
इस बार पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए एक-एक सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इनके अलावा पुलिस और चुनाव खर्च की निगरानी के लिए अलग पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं।


बताया गया है कि पश्चिम बंगाल में इस बार 84 पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक संख्या है।
राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को शेष 142 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। मतगणना चार मई को होगी।

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