
पांडवेश्वर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक बड़ा झटका लगा है। क्षेत्र के वैद्यनाथपुर अंचल में भाजपा के बूथ अध्यक्ष (बीएलए-2) ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ पार्टी से इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दामन थाम लिया।

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती अपने चुनावी जनसंपर्क अभियान के तहत वैद्यनाथपुर पहुंचे थे। उनके कार्यक्रम के दौरान भाजपा के बूथ अध्यक्ष सहित कई सक्रिय कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक रूप से तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस मौके पर उम्मीदवार नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने सभी नए सदस्यों को पार्टी का झंडा थमाकर उनका स्वागत किया। वही इस मौके सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि माकपा (सीपीआईएम) के भी कई कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया। दलबदल करने वाले कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा किए गए विकास कार्यों से प्रभावित होकर यह कदम उठा रहे हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस घटना को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर चुनाव से ठीक पहले बूथ स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं का इस तरह पार्टी बदलना विपक्ष के लिए बड़ी चिंता का विषय बन सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के दलबदल से न केवल संगठनात्मक ढांचे पर असर पड़ता है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव चुनावी परिणामों पर भी पड़ सकता है। पांडवेश्वर में हुए इस घटनाक्रम ने यह साफ संकेत दे दिया है कि चुनावी मुकाबला जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच खींचतान और तेज होती जा रही है।
