
कोलकाता, 10 मार्च । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनकी राजनीति तुष्टिकरण पर आधारित है और इससे राज्य की सामाजिक संरचना तथा राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंच रहा है।
पार्टी की ओर से जारी एक बयान में भाजपा नेताओं ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने पिछले एक दशक से अधिक समय में अल्पसंख्यक समुदाय को सशक्त बनाने के बजाय उन्हें “वोट बैंक” की राजनीति के लिए इस्तेमाल किया है। भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में राज्य की सामाजिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हुई है और सरकार की नीतियों के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुई हैं।
बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर चिंता बढ़ी है। भाजपा ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
पार्टी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं बल्कि राज्य के भविष्य और विकास से जुड़ा मुद्दा है। भाजपा ने दावा किया कि वह राज्य में “सुरक्षित और विकसित पश्चिम बंगाल” बनाने के लिए काम कर रही है।
हालांकि, इन आरोपों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
