
रानीगंज। पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरों में स्थानीय पहचान और सांस्कृतिक गौरव को प्रदर्शित करने के लिए ‘आई लव’ थीम पर कई आकर्षक स्मारकों का निर्माण किया गया है, लेकिन रानीगंज और अंडाल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अब तक इस प्रकार की कोई संरचना नहीं बन पाई है। लंबे समय से स्थानीय नागरिकों की यह मांग रही है कि रानीगंज में भी ‘आई लव रानीगंज’ नाम से एक आकर्षक स्मारक स्थापित किया जाए, ताकि शहर की पहचान और लोगों की भावनाओं को एक नया आयाम मिल सके। इसी मांग को लेकर रानीगंज के लोगों ने क्षेत्र के भाजपा विधायक पार्थ घोष से पहल करने का अनुरोध किया है। मंगलवार को विधायक पार्थ घोष ने रानीगंज के पंजाबी मोड़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों की मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि रानीगंज में भी जल्द ही ‘आई लव रानीगंज’ स्मारक का निर्माण कराया जाएगा। विधायक ने कहा कि राज्य के अनेक शहरों में इस प्रकार के स्मारक स्थापित किए गए हैं, जो न केवल शहर की पहचान को मजबूत करते हैं बल्कि पर्यटन और स्थानीय आकर्षण का केंद्र भी बनते हैं। इसके बावजूद रानीगंज और अंडाल जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं ऐतिहासिक क्षेत्रों में ऐसी कोई संरचना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्थानीय लोगों ने उनसे कई बार आग्रह किया है और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पार्थ घोष ने बताया कि प्रस्तावित ‘आई लव रानीगंज’ स्मारक को पंजाबी मोड़ इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थापित करने की योजना है। यह स्थान ऐसा होगा जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं और दूर-दराज से आने वाले यात्री भी इसे आसानी से देख सकेंगे। इससे रानीगंज की पहचान को नई मजबूती मिलेगी तथा शहर के प्रति लोगों का जुड़ाव और प्रेम भी प्रदर्शित होगा।
उन्होंने कहा कि यह स्मारक केवल एक संरचना नहीं होगा, बल्कि रानीगंज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का प्रतीक बनेगा। इसके माध्यम से स्थानीय लोगों को अपने शहर पर गर्व महसूस होगा और आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक आकर्षण का केंद्र बनेगा।
विधायक ने विश्वास दिलाया कि इस परियोजना को लेकर आवश्यक प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और निकट भविष्य में रानीगंज के लोगों को इस संबंध में अच्छी खबर मिलेगी। उनके इस आश्वासन के बाद क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि यह परियोजना साकार होती है तो रानीगंज को एक नई पहचान मिलेगी और शहर की सुंदरता में भी वृद्धि होगी। गौरतलब है कि पूर्व में भी इस प्रकार के स्मारक के निर्माण की मांग विभिन्न स्तरों पर उठाई गई थी, लेकिन किसी कारणवश यह योजना अमल में नहीं आ सकी। अब नई पहल के बाद लोगों को उम्मीद है कि वर्षों पुरानी यह मांग जल्द ही पूरी होगी।
