
कूचबिहार, 10 मार्च । उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने आरोप लगाया है कि चुन-चुनकर तृणमूल समर्थक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाकर उन्हें ‘विचाराधीन’ सूची में डाल दिया गया है। इसी के विरोध में उन्होंने दिनहाटा सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) कार्यालय के सामने सामूहिक अनशन शुरू किया था। अनशन के आखरी दिन मंगलवार को मंच से उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करने के साथ-साथ चुनाव आयोग की भी कड़ी आलोचना की।
उनका आरोप है कि पुराने चुनावी नतीजों का विश्लेषण कर योजनाबद्ध तरीके से तृणमूल के मजबूत क्षेत्रों के मतदाताओं को ‘विचाराधीन’ सूची में रखा गया है, जिससे भाजपा को फायदा मिल सके।
उदयन गुहा ने आंकड़ों के साथ दावा किया कि उनके दिनहाटा विधानसभा क्षेत्र के नयारहाट, चौधुरीहाट और शुकरुरकुठी जैसे ग्राम पंचायतों में, जहां तृणमूल को हर चुनाव में बढ़त मिलती है, करीब 16 हजार मतदाताओं के नाम विचाराधीन सूची में डाल दिए गए है। इसी तरह सिताई विधानसभा के गितालदह-1, गितालदह-2, ओकराबाड़ी और अटियाबाड़ी पंचायतों में भी कई मतदाताओं के नाम इस सूची में रखे गए है। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग तुरंत घोषणा करे कि जांच प्रक्रिया के दौरान भी मतदाताओं को मतदान का अधिकार दिया जाए।
मंच से चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग योजनाबद्ध तरीके से एक राजनीतिक दल के मतदाताओं के नाम हटाकर दूसरे दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो तृणमूल भी पलटवार करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए नाम हटाने की कार्रवाई करेगी।
उल्लेखनीय है कि पहले से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक सोमवार सुबह नौ बजे से उदयन गुहा अनशन मंच पर बैठे थे। तीन अलग-अलग मंचों पर करीब 200 तृणमूल नेता और कार्यकर्ता भी इस अनशन में शामिल हुए। अनशन मंगलवार को समाप्त हो गया।
इधर तृणमूल के इस कार्यक्रम पर भाजपा ने भी तंज कसा।
भाजपा के जिला समिति के सचिव अजय राय ने कहा कि कोलकाता में ममता बनर्जी का और दिनहाटा में उदयन गुहा का नाटक चल रहा था। उनका आरोप है कि चुनाव नजदीक आने पर सहानुभूति पाने के लिए यह सब किया जा रहा है।
