रानीगंज में भारी वाहनों से उड़ती धूल के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, सड़क जाम कर किया विरोध

रानीगंज। रानीगंज के 91 नंबर वार्ड अंतर्गत गिरजा पड़ा बर्न्स क्लब क्रॉसिंग स्थित पानी टंकी के पास भारी वाहनों के आवागमन से फैल रहे प्रदूषण के खिलाफ स्थानीय निवासियों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। लगातार उड़ती धूल और उससे हो रही स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान लोगों ने आज सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना कोयला, बालू और स्पंज आयरन लदे भारी ट्रक गुजरते हैं। इन वाहनों के चलने से इतनी अधिक धूल उड़ती है कि सड़क पर चलना तक मुश्किल हो जाता है। राहगीरों को सांस लेने में दिक्कत होती है, आंखों में जलन होती है और आसपास के घरों में धूल की मोटी परत जम जाती है। निवासियों के अनुसार हालात ऐसे हैं कि धूल उनके घरों के अंदर तक पहुंच जाती है, जिससे घर का सामान खराब हो रहा है और भोजन तक दूषित हो जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार धूल के संपर्क में रहने से बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, एलर्जी और सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों और प्रशासन को पहले भी इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इसी नाराजगी के चलते आज सुबह स्थानीय निवासियों ने सड़क पर उतरकर पथावरोध कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बाधित हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
वही घटना की सूचना मिलते ही रानीगंज बोरो चेयरमैन मुजम्मिल शहजादा मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों की मांग पूरी तरह जायज है। उन्होंने स्वीकार किया कि जिस तरह से धूल उड़ रही है, उससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
मुजम्मिल शहजादा ने आश्वासन दिया कि वह बहुत जल्द परिवहन मालिकों तथा बालू घाट संचालकों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण और धूल की समस्या को कम करने के लिए नियमित रूप से सड़क पर पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
वहीं मौके पर मौजूद रानीगंज तृणमूल कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल के अध्यक्ष नियाज अहमद ने भी स्थानीय निवासियों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की। अंततः बोरो चेयरमैन और पुलिस प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने पथावरोध समाप्त कर दिया। इसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया।
हालांकि, क्षेत्र के लोगों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कितनी तेजी से कदम उठाता है।

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