रानीगंज के जेके नगर कोलियरी में हड़ताल को लेकर तनातनी, सीएमएस और केकेएससी आमने-सामने

रानीगंज। केंद्र सरकार के चार नए श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर वामपंथी श्रमिक संगठनों सहित दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था। इस हड़ताल का आंशिक असर विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में देखा गया। इसी क्रम में ईसीएल के सातग्राम-श्रीपुर एरिया अंतर्गत जेके नगर कोलियरी में हड़ताल को लेकर दो श्रमिक संगठनों के बीच तनातनी की स्थिति उत्पन्न हो गई। जानकारी के अनुसार, जेके नगर कोलियरी में वामपंथी श्रमिक संगठन सीआईटीयू से संबद्ध सीएमएस और तृणमूल कांग्रेस समर्थित कोयला श्रमिक संगठन आईएनटीटीयूसी से संबद्ध केकेएससी के बीच विवाद की स्थिति बन गई। वामपंथी संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें यूनियन कार्यालय से जबरन हटाने की कोशिश की गई और कार्यालय में ताला तक जड़ दिया गया। हालांकि, केकेएससी की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है।

सीएमएस का आरोप

सीएमएस के जेके नगर कोलियरी के सह सचिव एस.एस. राय ने बताया कि केंद्र सरकार के चार श्रम कोड के विरोध में वे लोग कोलियरी परिसर में झंडा लगाकर अपने यूनियन कार्यालय में शांतिपूर्ण ढंग से बैठे हुए थे। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रमिक को ड्यूटी पर न जाने के लिए मजबूर नहीं किया गया। उनके अनुसार, लगभग 60 से 65 प्रतिशत श्रमिकों ने स्वेच्छा से हड़ताल का समर्थन करते हुए काम पर नहीं आने का निर्णय लिया। एस.एस. राय का आरोप है कि केकेएससी से जुड़े लोगों ने श्रमिकों को धमकाकर घरों से बुलाया और जबरन काम पर ले आए। उन्होंने यह भी दावा किया कि दो दिन पहले ही श्रमिकों को चेतावनी दी गई थी कि सभी को काम पर उपस्थित होना होगा। उन्होंने कहा कि जब वे लोग यूनियन कार्यालय में बैठे थे, तब केकेएससी के लोगों ने उन्हें वहां से हटने को कहा। इस दौरान कहासुनी हुई और आरोप है कि उन्हें कार्यालय में बंद कर ताला लगा दिया गया। बाद में उन्होंने ताला तोड़कर बाहर निकलने की बात कही। इसके बाद गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। एस.एस. राय ने कहा कि उनका मुख्य मुद्दा केंद्र सरकार के श्रम कोड के विरोध से जुड़ा है, इसमें राज्य सरकार का सवाल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों से जबरन काम कराया जा रहा है और इसमें प्रबंधन की भी भूमिका है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कोलियरियों की स्थिति लगातार खराब हो रही है और कई खदानें बंद होने के कगार पर हैं।

केकेएससी का जवाब

वहीं, जेके नगर कोलियरी के केकेएससी सचिव गौतम सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कोलियरी में किसी प्रकार की झड़प नहीं हुई है और पूरा माहौल शांतिपूर्ण है। उनके अनुसार, कोलियरी पूरी मैनपावर के साथ संचालित हो रही है और हड़ताल का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। गौतम सिंह ने कहा कि कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन श्रमिकों ने बंद का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि अतीत में बंद की राजनीति से राज्य को नुकसान हुआ है और यहां के श्रमिक विकास और काम के पक्ष में हैं।

स्थिति पर नजर

फिलहाल कोलियरी क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। हालांकि, दोनों संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक हस्तक्षेप की खबर नहीं है, लेकिन हालात पर नजर रखी जा रही है। देशव्यापी हड़ताल के आह्वान के बीच जेके नगर कोलियरी की यह घटना क्षेत्रीय श्रमिक राजनीति में बढ़ते तनाव को दर्शाती है।

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