
कोलकाता। अन्तर्राष्ट्रीय संस्था रचनाकार -एक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्रांति के संस्थापक सभापति श्री सुरेश चौधरी की पुस्तक “क्षणिकाएँ – बूँद बूँद सागर” को एक शानदार आयोजन में लोकार्पित किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ विशिष्ट अतिथि के तौर पर तथा ताज़ा टीवी के निदेशक व छपते-छपते समाचार पत्र के संपादक श्री विश्वंभर नेवर प्रधान अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की अध्यक्ष रचना सरन ने अतिथियों के परिचय के साथ किया। संस्था के कोलकाता चैप्टर के प्रभारी श्री रावेल पुष्प ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और सुरेश चौधरी जी की पुस्तक का लोकार्पण करवाया।
विश्वंभर नेवर ने अपने वक्तव्य में कहा कि कोलकाता में हिंदी साहित्य जगत बहुत अधिक सक्रिय है किंतु कोलकाता का नाम खराब करने की कोशिश की जा रही है। डॉ अनिल सुलभ ने पश्चिम बंगाल हिंदी साहित्य सम्मेलन की स्थापना की औपचारिक घोषणा की। लेखक कवि सुरेश चौधरी जी ने अपनी कुछ क्षणिकाएँ सुनाकर वाह -वाही लूटी। इस अवसर पर एक काव्य गोष्ठी भी संपन्न हुई जिसकी शुरुआत रजनी मूँधडा द्वारा सरस्वती वंदना से की गई। कोलकाता के जाने-माने कवि जय प्रसाद रुसवा, कवि नन्दू बिहारी, अमित अम्बष्ट, मृदुला कोठारी, सुशीला सुराणा, कृष्ण कुमार दूबे और शशि लाहोटी ने अपनी रचनाएं सुनाईं। डॉ अनिल सुलभ ने अपनी ग़ज़ल और गीतों से श्रोताओं को मुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर श्रीमती शारदा चौधरी, सीमा शर्मा,डॉक्टर शिप्रा मिश्रा, प्रणति ठाकुर, मौसमी प्रसाद, विनोद यादव, मीतू कनोडिया, भारती मिश्रा, डॉ उर्वशी श्रीवास्तव,मोनिका रोहतगी सहित रचनाकार के अनेक सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सुरेश चौधरी जी ने सभी अतिथियों और उपस्थित साहित्य प्रेमियों को धन्यवाद प्रेषित किया। सियोना कैफे में आयोजित इस कार्यक्रम का संयोजन रावेल पुष्प जी ने किया जबकि कुशल संचालन रचना सरन का था।इस मौके पर रचनाकार के भावी कार्यक्रमों की भी चर्चा हुई।
