बिना जानकारी के भाजपा नेता को INTTUC जिला कमेटी में नाम शामिल! भाजपा नेता राजा चटर्जी के घर पहुंचे जितेंद्र तिवारी, टीएमसी पर साधा निशाना

 

आसनसोल। आसनसोल के कुल्टी स्थित वार्ड संख्या 19 के पूर्व पार्षद सह भाजपा नेता राजा चटर्जी का नाम तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन आईएनटीटीयूसी (INTTUC) की पश्चिम बर्धमान जिला कमेटी में जनरल सेक्रेटरी के रूप में शामिल किए जाने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि चार दिन पूर्व जारी जिला कमेटी की सूची में उनका नाम प्रकाशित हुआ, जिसकी जानकारी स्वयं राजा चटर्जी को भी नहीं थी। वही इस मामले की जानकारी मिलते ही सोमवार को आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर एवं भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी राजा चटर्जी के आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।

“बिना सहमति नाम जोड़ना लोकतंत्र के खिलाफ” – जितेंद्र तिवारी

वही इसको लेकर जितेंद्र तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बिना किसी व्यक्ति की जानकारी और सहमति के उसका नाम किसी संगठन की कमेटी में शामिल करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने और राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश हो सकती है। तिवारी ने कहा कि राजा चटर्जी भाजपा के सक्रिय और प्रतिबद्ध कार्यकर्ता रहे हैं तथा उन्हें पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए दोबारा पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है।

“मुझे कोई सूचना नहीं” – राजा चटर्जी

वहीं, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजा चटर्जी ने कहा कि उन्हें आईएनटीटीयूसी की किसी भी जिला कमेटी में शामिल किए जाने की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने तृणमूल कांग्रेस जॉइन की है और न ही किसी श्रमिक संगठन में पद स्वीकार किया है। उन्होंने इसे पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनका राजनीतिक जुड़ाव भाजपा के साथ है और वे उसी विचारधारा में विश्वास रखते हैं।

राजनीतिक सरगर्मी तेज

इस घटनाक्रम के बाद कुल्टी और आसनसोल के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद से क्षेत्र में दल-बदल और संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाओं के बीच यह मामला और भी अहम हो गया है। फिलहाल, इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस या आईएनटीटीयूसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन भाजपा नेताओं ने संकेत दिया है कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा

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