
दुर्गापुर। दुर्गापुर के पानागढ़ के रणडिहा मोड़ से 102 नंबर रेलवे गेट तक फैली अत्यंत महत्वपूर्ण और घनी आबादी वाली ग्रामीण सड़क की हालत पिछले कई वर्षों से बेहद जर्जर बनी हुई है। कई गांवों को जोड़ने वाली यह सड़क स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन, व्यापार-वाणिज्य तथा स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए एकमात्र सहारा है। लेकिन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में यह सड़क अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में आवासीय घर और छोटे-बड़े दुकानें स्थित हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस ग्रामीण सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों भारी और अति-भारी वाहन, खासकर बालू लदे ट्रक और डंपर, बेरोकटोक गुजरते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। इसके कारण अक्सर यहां भीषण जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे क्षेत्र के छोटे और मध्यम व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ती जा रही है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है। वहीं बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सड़क पार करना लगभग असंभव हो गया है। सुरक्षा के अभाव में कई परिवार घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब पूरी सड़क जलमग्न होकर आवागमन के अयोग्य बन जाती है। इसी मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं। जान जोखिम में डालकर पढ़ाई के लिए निकलने को मजबूर छात्रों को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता है।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार घनी आबादी और ग्रामीण सड़कों पर भारी व अति-भारी वाहनों की आवाजाही के लिए समय-सीमा और वजन नियंत्रण अनिवार्य है। स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बिना डंपर और भारी ट्रकों का चलना प्रतिबंधित है तथा सड़क की क्षमता के अनुसार यातायात नियंत्रित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बावजूद इसके, स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज कर वर्षों से इस सड़क पर भारी वाहनों की अवैध आवाजाही जारी है। वही अपनी मांगों को लेकर सोमवार को स्थानीय निवासियों ने पनागढ़ के रणडिहा मोड़ से कॉलोनी जाने वाली सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। जाम के कारण इलाके में यातायात ठप हो गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर कांकसा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। लंबी बातचीत के बाद प्रशासन की ओर से जल्द सड़क मरम्मत, नालियों के निर्माण और भारी वाहनों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदी लगाने को लेकर स्थानीय लोगों के साथ प्रशासनिक बैठक का आश्वासन दिया गया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने जाम हटा लिया।
स्थानीय निवासियों का साफ कहना है कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल प्रशासनिक दिशा-निर्देशों को लागू कर इस जनबहुल ग्रामीण सड़क को सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाने की ठोस कार्रवाई चाहते हैं। वही इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। भाजपा नेता सुमंत मंडल ने आरोप लगाया कि “तृणमूल कांग्रेस, बालू माफिया और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से एक सिंडिकेट चलाया जा रहा है। आम जनता की समस्याओं की किसी को परवाह नहीं है। आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता इसका उचित जवाब देगी।”वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को तूल दे रही है। तृणमूल नेताओं ने आश्वासन दिया कि प्रशासन के साथ चर्चा कर जल्द से जल्द समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
