
बाँके बिहारी की नगरी मथुरा के खण्डेलवाल सेवा सदन भवन में दिनांक २७-२८ दिसम्बर २०२५ को केवल काव्य परिवार का द्वितीय दो दिवसीय काव्य आनन्दोत्सव अति भव्यता के साथ सुसम्पन्न हुआ ।
इस काव्यांजलि उत्सव में भारत भर से अस्सी से अधिक प्रबुद्ध रचनाकारों की उत्साहपूर्ण और सक्रिय सहभागिता और उनकी हर विधा की मनमोहक रचनाओं के मोरपंखी रंगों ने इस उत्सव को अभूतपूर्व सजावट दिया।
गीत ऋषि श्री रामेन्द्र मोहन त्रिपाठी (आगरा), श्री अजीत गुप्ता (हैदराबाद), श्री जयकुमार ‘रुसवा’ (कोलकाता), श्री श्यामल मजूमदार (लखनऊ), डॉ कनकलता तिवारी (मुम्बई), श्री दयाशंकर मिश्रा और श्री कृष्ण कुमार दुबे (कोलकाता), श्री अरुण तिवारी गोपाल (कानपुर) जैसे राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साहित्यकारों की महत उपस्थिति से आनन्दोत्सव गरिमा मंडित हो गया।
हँसी – ठहाके, गायन – नृत्य और पारिवारिक सदस्यों की रंगारंग कला प्रस्तुतियों ने इसमें चार चाँद लगा दिए। संस्था के राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकरण हो जाने की आधिकारिक घोषणा ने सदस्यों में नवीन ऊर्जा का संचार किया।
संस्थापक श्री केवल कोठारी के साथ उपाध्यक्ष श्रीमती ज्योति नारायण, महामंत्री श्री अजय श्रीवास्तव ‘मदहोश’, संचालक श्री विश्वजीत शर्मा ‘सागर’, अर्थ मंत्री श्रीमती सीमा त्रिवेदी, मथुरा अध्यक्ष श्री योगेश बृजवासी ‘बेखुद’ और उनके सहयोगियों का अकल्पनीय प्रयास गरिमा लिए हुए इस तरह मुखर हुआ कि शामिल समस्त रचनाकार सदस्य भाव विभोर हो उठे।
आशातीत साफल्य, आत्मीयता, सद्भाव और संसर्ग का यह उत्सव नव वर्ष के आगमन पर नवीन मानक स्थापित करते हुए अपनी सुखद स्मृतियों का एहसास छोड़ गया।
