
चुनाव के दिन को कर्तव्य दिवस के रूप में मनाना चाहिये — के डी अग्रवाल
कोलकाता । लोकतंत्र सरकार चुनने की प्रक्रिया है, साथ ही देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकार का उत्सव है । उपरोक्त विचार व्यक्त करते हुए समाजसेवी के डी अग्रवाल ने कहा जन-जन की है यही पुकार, मतदान हमारा है अधिकार । भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में मतदान हम सभी के संवैधानिक अधिकार के साथ साथ एक नैतिक उत्तरदायित्व भी है । अक्सर कुछ लोग यह सोचकर मतदान से दूरी बना लेते हैं कि मेरे एक वोट से क्या बदलेगा ? लेकिन हम सभी को यह समझना चाहिए कि बूंद-बूंद से घड़ा भरता है और हमारे एक वोट में सत्ता पलटने की ताकत होती है ।
मतदान हमें अपनी पसंद की सरकार चुनने और अपनी समस्याओं को शासन तक पहुँचाने का जरिया प्रदान करता है। अगर हम मतदान नहीं करते हैं, तो हम परोक्ष रूप से उन नीतियों को स्वीकार कर लेते हैं जो शायद हमारे व समाज के हित में न हो । शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार और विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बदलाव लाने का सबसे सशक्त माध्यम बैलेट बॉक्स है । युवा पीढ़ी के लिए मतदान में शामिल होना और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नई पीढ़ी ही देश के भविष्य की दिशा तय करती है। लोकतंत्र की मजबूती के लिये शत-प्रतिशत मतदान महत्वपूर्ण है । यदि हम एक बेहतर समाज और प्रगतिशील राष्ट्र चाहते हैं, तो हमें चुनाव के दिन को केवल छुट्टी नहीं, बल्कि कर्तव्य दिवस के रूप में मनाना चाहिये । मैं आप सभी साथियों से आग्रह करता हूँ कि मतदान के महत्व को हमे समझना चाहिये । स्वयं मतदान करें और दूसरों को भी प्रेरित करें ।
