
नन्द के आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की… भक्ति भावना से श्रीमद्भागवत कथा ।

कोलकाता । माथुरवैश्य भवन में श्रीधाम, वृंदावन से पधारे श्रीभगवान भईयाजी के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा में सुनी है गोकुल नगरिया, आजा – आजा सांवरिया … एवम् नन्द के आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की… भक्ति भजनों की प्रस्तुति से श्री कृष्ण जन्म उत्सव में श्रद्धालु भक्त बधाई गीत गाते हुए थिरकने लगे । कथावाचक भईयाजी ने आस्था, भक्ति, कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हुए कहा भक्त वत्सल भगवान भक्तों के प्रेम, सच्ची भक्ति पर प्रसन्न होकर उनकी रक्षा करते हैं, जैसे एक माँ अपनी संतान और गौमाता अपने बछड़े की रक्षा करती है । भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से आप सभी के जीवन में सुख – शान्ति, उत्तम स्वास्थ्य हो । वामन अवतार के प्रसंग में श्रोताओं को भाव विभोर करते हुए कहा भगवान विष्णु ने अपने विराट वामन स्वरूप में एक पग में पृथ्वी और दूसरे पग में आकाश नाप लिया । अब तीसरा पग रखने के लिये बलि ने अपना सिर आगे कर दिया और कहा, हे प्रभु, तीसरा पग मेरे सिर पर रख दीजिये । बलि के इस असीम समर्पण और संकल्प को देखकर भगवान प्रसन्न हुए और बलि को अमरता का वरदान दिया । राधे – राधे भजनों की प्रस्तुति से भक्तिमय वातावरण में प्रमुख यजमान मिथिलेश गुप्ता, पार्षद मीना पुरोहित, पार्षद विजय ओझा, मनोज पराशर, आयोजक माथुरवैश्य इंटरनेशनल क्लब के अध्यक्ष अमित गुप्ता, सचिव प्रवीण गुप्ता, महेन्द्र गुप्ता, समाजसेवी राजेन्द्र गुप्ता (कपूरवाले), रामकुमार गुप्ता, प्रदीप, महेन्द्र, राजेश, मनोज, राजेश, अशोक गुप्ता एवम् महिला समिति तथा कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों श्रद्धालु भक्त भाव विभोर हो गये ।
