
कोलकाता, 5 मार्च । पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दिल्ली पहुंचकर उन्होंने राष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र सौंपा। उनके इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। रवि अब दोनों राज्यों के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे। यह नियुक्ति आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुई है, जिसे राजनीतिक हलकों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आरएन रवि पूर्व केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और खुफिया ब्यूरो (आईबी) अधिकारी रह चुके हैं। तमिलनाडु में उनके मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण हैं। पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर स्टालिन सरकार के आदेश पर रवि चाय-चक्र में शामिल नहीं हुए थे। साथ ही, तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया था कि रवि ने 10 विधेयकों पर हस्ताक्षर में देरी की। अदालत के निर्देश पर 2025 में उन्होंने हस्ताक्षर किए, लेकिन विवाद थमा नहीं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोस के इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक दबाव में पद छोड़ने को मजबूर किया गया। राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी माहौल में केंद्र-राज्य संबंधों का संकेत मान रहे हैं।
