
आसनसोल। पश्चिम बर्धमान जिले के कुल्टी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत करीम डंगाल इलाके में हाल ही में हुई कथित गैर-कानूनी गतिविधियों और गुंडागर्दी की घटना को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले पर एआईएमआईएम के राज्य नेता तथा पश्चिम बर्धमान जिला एआईएमआईएम कमेटी के अध्यक्ष दानिश अज़ीज़ ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दानिश अज़ीज़ ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि करीम डंगाल इलाके में जो घटना सामने आई है, वह राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया गया और खुलेआम गुंडागर्दी की गई, जिससे स्थानीय लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंताजनक हैं और प्रशासन को इसे बेहद गंभीरता से लेना चाहिए। दानिश अज़ीज़ ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी व्यक्ति या समूह इस घटना में शामिल पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। एआईएमआईएम नेता ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस मामले में दोषियों के खिलाफ जल्द और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो उनकी पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय के लिए एआईएमआईएम हर स्तर पर आवाज उठाएगी और पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से करीम डंगाल और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हालांकि पुलिस और प्रशासन द्वारा इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और निगरानी बढ़ा दी गई है, फिर भी स्थानीय लोग अब भी सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुल्टी और आसनसोल क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई घटनाओं के कारण यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी और भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
