
रानीगंज। हाल ही में बाउरी और भुंईया समाज के तरफ से ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के श्रीपुर सातग्राम इलाके के जनरल मैनेजर को ज्ञापन सौपा गया था. इसमें कहा गया था कि ईसीएल की तरफ से बाउरी एवं भुइया समाज के लोगों के घरों को तोड़ा जा रहा है, इसका विरोध किया गया था और कहा गया था कि इस तरह से आदिवासी समुदाय के लोगों को बेघर ना किया जाए. वही रानीगंज ब्लॉक के हाडाभांगा ब्रिज की चर्चा हालत को लेकर भी ज्ञापन में जनरल मैनेजर से अनुरोध किया गया था.आज भूमिपुत्र अधिकार मंच के जिला अध्यक्ष निताई बाउरी ने कहा कि हाल ही में आदिवासी समाज के लोगों ने ईसीएल श्रीपुर सातग्राम इलाके के जनरल मैनेजर को ज्ञापन सोपा था और अपने कुछ मांगो को उनके सामने रखा था उन्होंने कहा कि जनरल मैनेजर और उनकी बातों को ध्यान से सुना था और आश्वासन दिया था कि उनकी समस्याओं को जोड़ किया जाएगा.वही हाडाभांगा ब्रिज को लेकर उन्होंने कहा था कि स्थानीय वीडियो नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दे देते हैं तो ईसीएल ब्रिज का निर्माण कर देगी। निताई बाउरी ने कहा कि श्रीपुर सातग्राम एरिया के जनरल मैनेजर से उसे दिन जो बात हुई थी. उससे उन्हें काफी आश्वासन मिला था. लेकिन जामुड़िया के विधायक ने बाउरी समाज और भुईया समाज को लेकर ऐसे कुछ टिप्पणी किये जो इन दोनों आदिवासी समुदाय के लोगों के लिए अपमानजनक था.उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है और ईमेल के जरिए बताया है. उन्होंने कहा कि अगर आगामी कुछ दिनों के अंदर हरेराम सिंह अपनी टिप्पणी के लिए अफसोस नहीं जताते तो आने वाले समय में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा. क्योंकि इस ब्लॉक के हर एक हिस्से से हरे राम सिंह के उस टिप्पणी के खिलाफ आवाज उठ रही है और अगर हरेराम सिंह ने अपनी कही हुई बात के लिए खेद व्यक्त नहीं किया तो आने वाले समय में बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा.आपको बता दें कि जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह ने कहा था कि किसी को भी बेघर नहीं होने दिया जाएगा और किसी समाज के संगठन के बैनर तले नहीं टीएमसी की अगुवाई में यह संघर्ष चलेगा. टीएमसी ही एकमात्र पिछड़े तबके के लोगों के साथ खड़ी रहती है और यहां पर किसी समाज के संगठन की कोई भूमिका नहीं है.
