तृणमूल सांसद ने संसद की सुरक्षा में चूक की तुलना आतंकी हमले से की

 

कोलकाता, 14 दिसंबर । तृणमूल कांग्रेस से लोकसभा सदस्य काकोली घोष दास्तीदार ने संसद की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोगों के कूदकर सदन में आने की घटना को एक आतंकवादी कृत्य के समान बताया।बुधवार को जब यह घटना हुई दास्तीदार सदन में मौजूद थीं। गुरुवार को उन्होंने कहा, ‘‘यह एक आतंकवादी हमले जैसे था। इससे पहले कि सदस्य कुछ समझ पाते एक व्यक्ति ने कुछ निकाला और उससे धुआं निकलने लगा। यह जहरीली गैस हो सकती थी, स्मोक बम या जैव रासायनिक युद्धक सामग्री हो सकती थी।’’
उन्होंने कहा, “क्या होता अगर प्लास्टिक डेटोनेटर होता। यह देश अपनी रक्षा, सुरक्षा और विकास के लिए केंद्र सरकार पर निर्भर है, लेकिन स्थिति देखिए। कोई सुरक्षाकर्मी नहीं आया, सांसदों ने ही एक व्यक्ति को पकड़ा। सुरक्षाकर्मी 30-40 मिनट में आए। इस नई इमारत में कामकाज शुरू करने की इतनी जल्दी क्या थी? हमारी पुरानी इमारत में काफी बेहतर तरीके से कामकाज जारी था।’’ पार्टी की राज्यसभा सदस्य डोला सेन ने सरकार पर इस मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘क्या सुरक्षा में चूक अहम मुद्दा नहीं है। गृह मंत्री को बयान देना चाहिए।’’ संसद पर 2001 में हुए आतंकवादी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग- सागर शर्मा और मनोरंजन डी सदन के भीतर कूद गए, उन्होंने नारेबाजी की और केन के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। इस बीच कुछ सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया। लगभग उसी वक्त पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली केन लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले दो अन्य आरोपितों अमोल शिंदे और नीलम देवी को गिरफ्तार किया गया। इन लोगों ने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ और कुछ अन्य नारे लगाए। इसे लेकर गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में खूब हंगामा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन को राज्यसभा में अध्यक्ष की कुर्सी के ठीक सामने वेल में लगातार नारेबाजी करने की वजह से पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है।

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