
जामुड़िया। जामुड़िया के बीडीओ कार्यालय में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के तहत चल रही सुनवाई के दौरान सोमवार को राजनीतिक तनाव हिंसक संघर्ष में बदल गया.तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच हुई इस झड़प ने पुरे इलाके में काफी तनाव पूर्ण माहौल उत्पन्न हो गया। दोनों पक्षों के तरफ से एक दूसरे के खिलाफ जमके नारेबाजी की गई। वही दोनों दलों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। इस झड़प में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्त्ता घायल हुए हैं। हालात इतने बेकाबू हो गए कि स्थिति को नियंत्रण करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। भाजपा का आरोप है कि चुनाव से जुड़े मामले में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) ने उन्हें फॉर्म नंबर सात जमा करने का निर्देश दिया था। उसी निर्देश के अनुसार भाजपा के कार्यकर्ता और समर्थक फॉर्म लेकर जामुड़िया बीडीओ कार्यालय पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक पूरे इलाके को घेरकर खड़े हैं। आरोप है कि जब भाजपा कार्यकर्ता बीडीओ कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, तभी तृणमूल कांग्रेस के कथित असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला कर दिया और जमकर मारपीट की। वहीं दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस नेता गोपी पात्र ने इन आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि भाजपा के कार्यकर्ता आम लोगों को डरा-धमका रहे थे और वास्तविक मतदाताओं को परेशान कर रहे थे। इस सूचना के बाद ही तृणमूल के कार्यकर्ता और समर्थक वहां पहुंचे। उनका कहना है कि इसके पहले ही स्थानीय निवासियों के साथ भाजपा समर्थकों की कहासुनी शुरू हो गई थी, जो बाद में हिंसक संघर्ष में बदल गई। इस घटना को लेकर भाजपा नेता संतोष सिंह ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से लोकतंत्र की हत्या कर रही है और आज की घटना उसी का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा कार्यकर्ता फॉर्म नंबर सात जमा करने पहुंचे,तो उन पर लाठी और बांस से हमला किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया। हालात को काबू में रखने के लिए प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वही पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
