
आसनसोल।आसनसोल में मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) और फॉर्म-7 जमा करने को लेकर सोमवार को राजनीतिक माहौल अत्यंत तनावपूर्ण हो गया। आसनसोल एसडीएम कार्यालय परिसर में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच हुई झड़प के बाद भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। भाजपा का आरोप है कि जब उनके कार्यकर्ता चुनाव आयोग के निर्देशानुसार फॉर्म-सात जमा करने जा रहे थे, तब तृणमूल समर्थकों ने उन्हें रोका, उनके साथ मारपीट की और महत्वपूर्ण दस्तावेज (फॉर्म) जला दिए। वही विधायक अग्निमित्रा पाल ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पुलिस सत्ताधारी दल के कैडर की तरह काम कर रही है। हमारे कार्यकर्ताओं को अवैध तरीके से गिरफ्तार किया गया है। जिसके विरोध में भाजपा ने आसनसोल के भगत सिंह मोड़ इलाके मे सड़क अवरोध कर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर भाजपा राज्य कमेटी के सदस्य कृष्णेंदु मुखर्जी, जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य और कृष्ण प्रसाद सहित बड़ी संख्या भाजपा कार्यकर्त्ता मौजूद थे।
अग्निमित्रा पाल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता, तब तक यह विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम खत्म नहीं होगा। इस प्रदर्शन के कारण आसनसोल के मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। जाम से पुरे इलाके तनाव फैल गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। वही राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह विवाद अब केवल फॉर्म जमा करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। भाजपा ने इस मामले की शिकायत सीधे चुनाव आयोग से करने की बात कही है।
