बुजुर्गों की मदद करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी : संजय सिन्हा

 

आसनसोल: ‘बुढ़ापा एक ऐसा दौर होता है,जब शरीर कमजोर हो जाता है और एक निराशा सी पसर जाती है उनके आसपास।ऐसे में अगर उन्हें प्यार और सहानुभूति नहीं मिलती है तो जीवन नर्क हो जाता है। ‘ ये कहना है मीडिया पर्सनैलिटी और इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के चेयरमैन संजय सिन्हा का।रविवार को शहर के एसबी गोराई रोड स्थित जय मां दुर्गा ओल्ड एज होम अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे संजय सिन्हा ने इस संवाददाता को बताया कि ‘ आजकल बुजुर्गों के प्रति सहानुभूति खत्म होती जा रही है।लोग बुजुर्गों को फालतू का सामान समझने लगे हैं।यही वजह है कि ज्यादातर बुजुर्ग वृद्ध आश्रम में नजर आने लगे हैं।सच तो ये है कि बुजुर्गों की मदद करना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है।’ ज्ञात हो कि रविवार को संस्था के सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ ओल्ड एज होम जाकर संजय सिन्हा ने बुजुर्गों के साथ वक्त गुजारा और उनका दुख दर्द सुना और उन्हें उपहार प्रदान किए।उनके साथ संस्था के जिला संयोजक अमित सिंह,हरे राम प्रसाद आदि उपस्थित थे।इनका प्यार और सहानुभूति पाकर बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी दिखी।इसपर संजय सिन्हा ने कहा कि हमारा आना सार्थक हुआ।

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