हजारों लोगों को रोज पार करवाता है अजय नदी का अस्थाई पुल

 

 

रानीगंज:– जामुड़िया के अजय नदी के एक किनारे पर है बीरभूम और झारखंड और दूसरी तरफ पश्चिम बर्दवान है। परिणामस्वरूप पश्चिम बर्दवान, झारखंड और बीरभूम के कई लोग अजय नदी पर बने एक अस्थायी पुल पर से प्रतिदिन यात्रा करते हैं। लेकिन जब बरसात का मौसम आता है तो अजय नदी पर बना यह अस्थाई पुल टूट जाता है। अस्थाई पुल टूटने के कारण झारखंड का पश्चिम बर्दवान जिले और बीरभूम से संपर्क टूट जाता है। जिससे दोनों तरफ के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जामुड़िया विधानसभा के हिजलगड़ा ग्राम पंचायत के दरबडांगा, चुरुलिया ग्राम पंचायत के बिरकुल्टी और चिंचुरिया ग्राम पंचायत के सिद्धपुर बगडीहा में अजय नदी पर हर साल अस्थायी पुल का निर्माण किया जाता है। अजय नदी के तट पर स्थित दरबडांगा गांव के निवासी मधुसूदन मंडल ने कहा कि पश्चिम बर्दवान जिला अपने उद्योग के लिए प्रसिद्ध है, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिदिन हजारों लोग बीरभूम और झारखंड से यहां काम करने के लिए आते हैं।इसके अलावा बीरभूम के कई इलाके के लोग आसनसोल, रानीगंज, दुर्गापुर और कोलकाता जाने के लिए इस पुल का उपयोग करते हैं। चूंकि रानीगंज, आसनसोल या दुर्गापुर बीरभूम के सदर शहर सिउडी के मुकाबले बहुत करीब है, इसलिए हजारों लोग इलाज के लिए पश्चिम बर्दवान जिले में आते हैं। इसके अलावा पश्चिम बर्दवान जिले के कई लोगों की कृषि भूमि नदी के किनारे है। अजय नदी को सिउडी, बोलपुर सहित अन्य शहरों में आसानी से पार किया जा सकता है। लेकिन बरसात के दिनों में यह अस्थायी पुल ध्वस्त हो जाने के कारण उन्हें नाव या डोंगी का सहारा लेना पड़ता है,
जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि जामुड़िया पंचायत समिति द्वारा दरबाडांगा घाट का टेंडर किया गया था। इस सड़क पर यात्रा करने वाले लोगों और वाहनों से टैक्स वसूला जाता है। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं पथिक सौमंडल ने कहा कि लंबे समय से चुनाव के दौरान अजय नदी पर पक्के पुल की मांग की जाती रही है। आश्वासन तो मिला लेकिन अभी तक पुल नहीं बना।
बीरभूम के पासंडी इलाके के निवासी दीपक घोष का दावा है कि वे काम के लिए हर दिन अजय नदी पार करके पश्चिम बर्दवान जिले में जाते हैं। स्थाई पुल नहीं होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कृषि सब्जियां बेचने के लिए रानीगंज और जामुड़िया बहुत अच्छे बाजार हैं। लेकिन पुल नहीं होने के कारण उनके व्यवसाय को काफी नुकसान होता है।
बीरभूम जिले के एक अन्य निवासी इंजामुल खान ने कहा कि इस मानसून के दौरान उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर स्थायी पुल बन जाता है तो नदी के दोनों ओर रहने वाले हजारों लोगों को बहुत फायदा होगा एवं व्यापार भी बढ़ेगा।

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