रानीगंज। भाजपा के आसनसोल जिला संगठन की ओर से रानीगंज के शराफ भवन में आसनसोल लोकसभा क्षेत्र की प्रवास योजना को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं पश्चिम बंगाल प्रभारी पर्यवेक्षक सुनील बंसल, राज्य महासभा सांसद लॉकेट चट्टोपाध्याय, आसनसोल दक्षिण विधायक अग्निमित्रा पाल, भाजपा संयुक्त महासचिव (संगठन) सतीश धुंड,पुरुलिया जिले के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो,विधायक लखन घरोई, विधायक अजय पोद्दार,रानीगंज मंडल एक अध्यक्ष देबजीत खां,ज्योतिर्मय सिंह,महतो सतीश साहित्य आसनसोल लोकसभा केंद्र के तमाम भाजपा कार्यकर्ता और नेतागण उपस्थित थे। हालांकि सुनील कुमार बंसल आज की इस बैठक पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते थे, लेकिन लॉकेट चटर्जी ने कहा कि उन्होंने मुख्य रूप से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए इस तरह की बैठक आयोजित किया गया।पिछले दिन उनकी रणनीति क्या है? जैसे ही आम लोगों को बताया जाता है कि क्यों उन्हें पैसा नहीं मिल रहा है, तृणमूल के भ्रष्टाचार के मुद्दों को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए, उनके कार्यकर्ता समर्थकों ने कहा कि वे तृणमूल के भ्रष्टाचार को राज्य स्तर, जिला स्तर, क्षेत्रीय स्तर और यहां तक कि बूथ लेबल पर आम लोगों के सामने उजागर करेंगे। वही इस बारे में जानकारी देते हुए भारतीय जनता पार्टी आसनसोल जिला कोर कमेटी के मीडिया प्रभारी गोरा चांद चटर्जी ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी की तरफ से संगठन की बैठक हुई दरअसल बीते कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बूथ सशक्तिकरण अभियान चलाया जा रहा है इसी के तहत आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल के नेतृत्व में यहां पर बैठक हुई और आने वाले पंचायत चुनाव के मद्देनजर संगठन को कैसे और मजबूती प्रदान की जाए इस पर चर्चा हुई उन्होंने कहा कि बीते विधानसभा चुनाव के बाद जिस तरह से कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन की सहायता लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर अत्याचार किया है उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए हैं उसकी वजह से आज बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है उन्होंने कहा कि एक समय बंगाल अपने बौद्धिक क्षमता के लिए पूरे देश में जाना जाता था लेकिन आज कांग्रेस के नेताओं और मंत्रियों की बदौलत पूरे भारत में बंगाल की छवि एक भ्रष्टाचारी प्रदेश के रूप में हो गई है उन्होंने कहा कि अगर बंगाल के पुराने गौरव को फिर से वापस लाना है तो टीएमसी के दागदार नेताओं मंत्रियों को सलाखों के पीछे डालना होगा और टीएमसी को राजनीतिक रूप से परास्त करना होगा।
