यूनिवर्सिटी के वीसी पर लगा भ्रष्टाचार का संगीन आरोप

 

आसनसोल। काजी नजरुल विश्वविद्यालय में कुलपति पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी एकजुट हो गये। वहीं इस मामले को लेकर कुलपति द्वारा रजिस्ट्रार को अवैध रूप से हटाये जाने के विरोध में मंगलवार की सुबह विवि में शिक्षक एवं कर्मियों ने जमकर बवाल काटा। इससे विवि में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
विवि के कुलपति साधन चक्रवर्ती के खिलाफ 29 लाख रुपये की कार खरीदने, दो करोड़ रुपये का बंगला खरीदने के मामले में विश्वविद्यालय के कुल 103 शिक्षकों, शैक्षणिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने दस सूत्री शिकायत की है। इस संबंध में, उन्होंने आचार्य और राज्यपाल सीवी आनंद बोस, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बोस के कार्यालयों को शिकायती पत्र भेजे। उस पत्र में उन्होंने दावा किया था, ‘कुलपति (साधन चक्रवर्ती) के रूप में हमारा उन पर से पूरा भरोसा उठ गया है।’ शिकायत में दावा किया गया है कि रजिस्ट्रार चंदन कोनार को कोई दस्तावेज नहीं दिया गया है कि कुलपति साधन को तीन महीने के लिए बहाल किया गया है।उसके बाद आरोप लगाए गए हैं। उनमें से एक है- सबसे पहले कुलपति ने शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना निजी इस्तेमाल के लिए 29 लाख रुपये की एक कार खरीदी. दूसरा करीब दो करोड़ रुपये के बंगले की खरीद के लिए एक करोड़ रुपये बिना प्राधिकरण के विश्वविद्यालय कोष से पहले ही दिए जा चुके हैं। तीसरा करीब 3 लाख 70 हजार रुपए का एक टेलीविजन खरीदा गया। चौथा, यूजीसी ने स्ट्राइड परियोजना से अनियमित रूप से लगभग चार लाख रुपये लिए। पांचवां, यूनिवर्सिटी से अपने बंगले को सजाने के लिए करीब साढ़े सात लाख रुपए लिए गए हैं। छठा, हाल ही में विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद कुछ सदियों पुराने पेड़ों को अवैध रूप से काटकर बेचा गया। उन्होंने पैसे को यूनिवर्सिटी फंड में रखने के बजाय अपने इस्तेमाल के लिए रखा।शिक्षकों, शिक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने मीडिया से शिकायत कहा कि वीसी भ्रष्टाचार में शामिल हैं। उसके बाद कुलपति उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित और प्रताड़ित कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह पत्र ऐसे ‘पीड़ा से राहत’ मांगने के लिए लिखा गया है। वही इसके बाद सुब अचानक उनलोगों को कहा गया कि वीसी ने रजिस्ट्रार को डिस्चार्ज करने का निर्देश जारी किया है। जो कि उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है। इसलिए वह लोग आन्दोलन कर रहे हैं। हालांकि इसे लेकर वीसी डा. साधन चक्रवर्ती से संपर्क नहीं होने के कारण उनपर लगे आरोपों को लेकर पक्ष नहीं लिया जा सका है।

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