चुनाव 2026: झाड़ग्राम में भाजपा का ओलचिकी लिपि प्रचार, तृणमूल का तीखा तंज


झाड़ग्राम, 07 अप्रैल । पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां चरम पर हैं। उम्मीदवार आदिवासी मतदाताओं को लुभाने के लिए अनोखे तरीके अपना रहे हैं। झाड़ग्राम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मीकांत साउ ने ओलचिकी लिपि में प्रचार सामग्री छपवाकर चर्चा बटोरी है, जिस पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने कटाक्ष किया है।
भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मीकांत साउ ‘लक्ष्मीकांत का परिचय पत्र’ शीर्षक वाले पर्चे बांट रहे हैं, जो ओलचिकी और बंगला लिपि दोनों में उपलब्ध हैं। इसमें उनकी शैक्षिक योग्यता, उद्यमी के रूप में उपलब्धियां और चुनावी वादे दर्ज हैं—जैसे प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापना, पर्यटन विकास, साल-केंदू पत्ते कारखाने तथा आयुष्मान भारत योजना लागू करना। जिले की झाड़ग्राम, गोपीबल्लभपुर, बिनपुर व नयाग्राम सीटों पर आदिवासी वोट निर्णायक हैं।
तृणमूल ने इनमें से तीन सीटों पर आदिवासी उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें झाड़ग्राम से मंगल सोरेन शामिल हैं। मंगलवार को मंगल सोरेन ने कहा, “केवल ओलचिकी पर्चे बांटने से आदिवासी विश्वास नहीं जीता जा सकता। विकास के लिए आदिवासी विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय परीक्षाओं में ओलचिकी प्रश्नपत्र जरूरी हैं।” जवाब में साउ ने पलटवार किया, “क्षेत्र में लाखों ओलचिकी पाठक हैं। भाजपा आदिवासी सशक्तिकरण के लिए कटिबद्ध है।”
राजनीतिक विश्लेषक इसे दोनों दलों की आदिवासी वोट रणनीति मानते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *