आसनसोल में बीएमएस की 8 सूत्री मांगों पर धरना, ज्ञापन सौंपा

 

अखिल भारतीय मजदूर संघ के निर्देशानुसार आसनसोल,पश्चिम बर्दवान जिला मुख्यालय जिला अधिकारी कार्यालय पर जिला बीएमएस के अध्यक्ष विजय कुमार की अध्यक्षता में भारत के प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय श्रम तथा रोजगार मंत्री को जिला कलेक्टर के माध्यम से आठ सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन पत्र सौंपा गया। ज्ञापन पत्र सौंपने वाले प्रतिनिधि मण्डल में रविशंकर सिंह एवं जय नाथ चौबे (दोनों अखिल भारतीय मजदूर संघ के उद्योग प्रभारी) महेन्द्र गुप्ता पश्चिम बंगाल प्रदेश बीएमएस सचिव, जिला अध्यक्ष विजय कुमार, जिला मंत्री मॄनमय बनर्जी,खान श्रमिक कांग्रेस के महामंत्री मॄत्युन्नजय सिंह शामिल थे। ज्ञात हो कि बीएमएस के २१ वें त्रय-वार्षिक त्रिदिवसीय अधिवेशन विगत दिनों पूरी में सम्पन्न हुआ था। इसी अधिवेशन में देश भर से आए हुए प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पारित कर २५ फरवरी २०२६ को देश भर में धरना-प्रदर्शन के माध्यम से ज्ञापन पत्र सौंपा गया। सर्व प्रथम बीएमएस कार्यकर्ताओं ने आसनसोल एच एल जी चौराहे से एक रैली निकाली और यह रैली सीधे डीएम कार्यालय पर पहुंची पूरी रैली सभा में परिवर्तित हो गया। रैली में बीएमएस कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बनता था। भारत माता की जय का उदघोष एवं भारतीय मजदूर संघ अमर रहे के नारों से आकाश गूंज उठा।
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि जय नाथ चौबे ने कहा कि बीएमएस अपने आठ सूत्रीय मांगों के समर्थन में पूरे देश में धरना- प्रदर्शन कर रहा है। प्रमुख मांगों पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि बीएमएस भारत सरकार से यह मांग करता है कि वर्षो वर्ष से सरकारी नौकरियों पर जो प्रतिबंध लगा रखा है उसे तत्काल हटाया जाना चाहिए जिससे वे रोजगारों को रोजगार मिल सके। ई पी एस- ९५ के तहत न्यूनतम पेंशन एक हजार की जगह साढ़े सात हजार मंहगाई को जोड़ कर भुगतान किया जाय। ईपीएफओ में अंशदान कटौती की न्यूनतम कटौती १५०००/ प्रति माह से बढ़ाकर ३००००/ प्रति माह किया जाय।ईएसआईसी के लिए कवरेज सीमा २१०००/प्रति माह से बढ़ाकर ४२०००/ प्रतिमाह किया जाय। सभी सेक्टर एवं सभी उद्योगों में सभी श्रमिकों पर श्रम कानूनों को विना भेदभाव का अन्तिम व्यक्ति तक अन्त्योदय के माध्यम से पूरी निष्ठा से लागू किया जाय। औद्योगिक सम्बन्ध (Code for IR 2020)और कोड फार अकयूपेशनल, हेल्थ व वर्किंग कंडिशन २०२० में बीएमएस ने जिन जिन आपत्तियों पर रिपोर्ट प्रस्तुत किया है उसमें श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुधार किया जाय।१९६५ के बोनस भुगतान अधिनियम की पात्रता हेतु ७०००/की सीमा को एवं १५०००/ की गणना को न्यूनतम से बढ़ाया जाए। त्रिपक्षीय वार्ता तंत्र का पुनर्गठन एवं इंडियन लेबर कान्फ्रेंस की बैठक तत्काल बुलाया जाय । भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप धारा १४,१५,१६,१७ एवं २१ के तहत स्कीम वर्कर्स जैसे आंगनबाड़ी, आशा सहने तथा मिड डे मिल कर्मियों को स्थाई किया जाय ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी श्री चौबे ने दिया। सभा प्रमुख रूप से विनोद कुमार सिंह, नवल-किशोर सिंह,संजित बनर्जी,दया चन्द नोनिया, गुरुमीत सिंह, त्रिवेणी प्रसाद, श्रीकान्त दत्ता, जय प्रकाश पाण्डेय,गंगा दयाल सिंह, अवधेश बनिया, शम्भूनाथ गुप्ता, विजय पाण्डेय,रवि गुप्ता, सुदामा राजभर आदि मौजूद थे।

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