
कोलकाता, 25 अगस्त । अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति (डब्ल्यूबीपीसीसी) को तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करने के मामले में बेहद सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। एआईसीसी के पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार को भेजे पत्र में कहा है कि राज्य के बदले राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस को अपना संगठन मजबूत करने की आवश्यकता है, लेकिन इसका अर्थ आपराधिक इतिहास वाले लोगों को पार्टी में शामिल करना नहीं होना चाहिए।
जोशी ने पत्र में कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए जहां आवश्यक हो, वहां दूसरी राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं या सामाजिक कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, ऐसे मामलों में पार्टी में शामिल होने वाले प्रस्तावित व्यक्तियों के नाम या सूची पहले प्रदेश कांग्रेस समिति को भेजना जरूरी होगा। प्रदेश कांग्रेस समिति संबंधित व्यक्तियों की पृष्ठभूमि, योग्यता और कमियों का आकलन करने के बाद सूची को एआईसीसी की मंजूरी के लिए भेजेगी। एआईसीसी की स्वीकृति मिलने के बाद ही उन्हें औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस समिति और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सभी ऐसे मामलों में इस प्रक्रिया का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।
यह निर्देश इसी सप्ताह हुए एक घटनाक्रम के बाद आया है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पांच बार लोकसभा सदस्य रहे अधीर रंजन चौधरी ने 23 अगस्त को अपने गृह जिले मुर्शिदाबाद में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस के पांच पूर्व जिला नेताओं को कांग्रेस में शामिल कराया था।
इन पांच नेताओं में मुर्शिदाबाद जिले की तृणमूल कांग्रेस नियंत्रित धुलियान नगरपालिका के अध्यक्ष मोहम्मद इनजामुल इस्लाम भी शामिल थे।
जोशी के पत्र से यह भी स्पष्ट हुआ है कि 23 अगस्त की घटना के बाद एआईसीसी ने बदले राजनीतिक परिदृश्य में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल करने पर रोक लगाने संबंधी प्रक्रिया शुरू की है। मुर्शिदाबाद में शामिल किए गए पांचों तृणमूल नेताओं को फिलहाल कांग्रेस में औपचारिक रूप से शामिल करने की प्रक्रिया भी रोक दी गई है।
