
जामुड़िया। राज्य सरकार की ओर से अवैध वसूली पर सख्ती और “जबरन वसूली बंद करो” जैसे सख्त संदेशों के बीच जामुड़िया थाना क्षेत्र के मदनतोड़ पंचायत से सटी सड़क का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक ट्रक चालक से रुपये मांगता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वायरल वीडियो में कथित रूप से एक युवक ट्रक चालक से नकद रुपये की मांग करते हुए मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत करता दिखाई दे रहा है। बातचीत के दौरान वह कथित तौर पर कहता है कि सड़क से गुजरने वाले प्रत्येक ट्रक से 200 रुपये देने होंगे। वीडियो में यह भी सुनाई देता है कि पहले ओवरलोड बालू ले जाने वाले वाहनों से 500 रुपये लिए जाते थे, जबकि वर्तमान में स्टॉक का माल ले जाने वाले ट्रकों से 200 रुपये लिए जाएंगे।युवक द्वारा यह भी कहा जाता है कि यदि कोई पुलिस को बुलाना चाहता है तो बुला सकता है, क्योंकि पुलिस को इस संबंध में जानकारी होने का दावा किया गया है।हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान अथवा उसमें किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि हुई है। समाचार प्रकाशित किए जाने तक पुलिस या प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है और सड़क पर इस प्रकार की कथित अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। वाहन चालकों का कहना है कि इस तरह की वसूली से परिवहन लागत बढ़ती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वायरल वीडियो की तकनीकी एवं तथ्यात्मक जांच कराई जाए, संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जाए और यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। लोगों का मानना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में किए गए दावे कितने सही हैं। तब तक इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
